पांच लाख में तय हुआ था सौदा

आशंका. गया सेंट्रल जेल में रची गयी पत्रकार की हत्या की साजिश भाई बोला-एक माह पहले ली थी सुपारी छह अपराधी हैं हत्या में शामिल, सभी सुपारी किलर हत्याकांड में कैमूर जिले के सुजीत कुमार का नाम आ रहा सामने सासाराम रोहतास : पत्रकार धर्मेंद्र कुमार सिंह की हत्या का ताना-बाना एक माह पहले ही […]

आशंका. गया सेंट्रल जेल में रची गयी पत्रकार की हत्या की साजिश

भाई बोला-एक माह पहले ली थी सुपारी
छह अपराधी हैं हत्या में शामिल, सभी सुपारी किलर
हत्याकांड में कैमूर जिले के सुजीत कुमार का नाम आ रहा सामने
सासाराम रोहतास : पत्रकार धर्मेंद्र कुमार सिंह की हत्या का ताना-बाना एक माह पहले ही बुना जा चुका था. हत्या की साजिश रचने का कथित आरोपित पप्पू सिंह अभी गया सेंट्रल जेल में बंद है. सूत्र बताते हैं कि हत्या के लिए उसने पांच लाख की सुपारी दी थी. सुपारी के लिए पप्पू सिंह ने अपनी डुमरियां गांववाली जमीन बेच कर पैसे का इंतजाम किया था. धर्मेंद्र के भाई पप्पू ने घटना के बाद रोते हुए बताया कि हत्याकांड में नाम आ रहे एक कथित आरोपित सुजीत कुमार सिंह कैमूर जिले का रहनेवाला है. उसकी दोस्ती पप्पू सिंह से है. दोनों भोजपुर रोहतास ग्रामीण बैंक के मैनेजर अश्विनी कुमार की हत्या के आरोप में जेल में बंद थे.
तभी इन दोनों के बीच दोस्ती हुई थी. एक माह पहले से ही पत्रकार की दिनचर्या रेकी की जा रही थी. पल-पल की जानकारी इकट्ठी की जा रही थी़ पत्रकार रोज सुबह सासाराम के फजलगंज मुहल्ला स्थित न्यू स्टेडियम में फुटबॉल खेलने आते थे. वह यहां आने से पहले अमरा तालाब बाजार स्थित दुकान पर चाय पी रहे थे, इसी बीच, अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया.
जानकारों का कहना है कि पत्रकार को आशंका हो गयी थी और वह मोटरसाइकिल से आये अपराधियों से उलझ पड़े. उन्होंने एक अपराधी को पकड़ा था, तभी दूसरे ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया व तीसरे ने गोली मार दी. चूंकि मामला अहले सुबह करीब छह बजे का था और ठंड की वजह से सड़क पर लोग भी बहुत कम ही थे. इसका अपराधियों ने फायदा उठाया. गोली की आवाज सुन कर लोग चाय की दुकान की ओर दौड़ पड़े. तब तक अपराधी भाग निकले थे. मौके पर तड़पते पत्रकार को समीप के दुकान पर खड़े बाइक चालक ने किसी तरह बाइक पर बैठा निजी अस्पताल ले आया. जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार किया. इसके बाद उसने बेहतर के लिए अन्यत्र जाने की सलाह दी गयी. आनन-फानन में परिजन व कई पत्रकार जुट गये. सदर अस्पताल में जख्मी को लाया गया, जहां से वाराणसी एंबुलेंस से ले जाया गया. सासाराम से करीब 12 किलोमीटर दूर शिवसागर तक पहुंचते ही खून अधिक बहने के कारण पत्रकार की एंबुलेंस में ही मौत हो गयी़ एंबुलेंस वापस लौट पड़ा. तब तक पूरे शहर में यह दुखद सूचना आग की तरह फैल चुकी थी. सदर अस्पताल में जन सैलाब उमड़ पड़ा. सबके मुंह पर एक ही बात थी-जब पत्रकार सुरक्षित नहीं, तो आम लोगों की बात कौन कहे. सदर अस्पताल में मॉडल, नगर व मुफस्सिल थाना की पुलिस जुटी हुई थी. कुछ देर बाद ही पत्रकार के परिजन वहां पहुंचे व महिलाओं के हृदय विदारक चीत्कार से सदर अस्पताल गूंज उठा. सब की आंखें युवा पत्रकार की इस नृशंस हत्या से गमगीन हो गयी.
घटना की सूचना मिलने के बाद रोती बिलखती बेटी प्रिया राज व पत्नी रिंकू देवी को संभालतीं गांव की महिलाएं.

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