माता का सोलह शृंगार कराने से पूर्ण होती है सुख-शांति की मनोकामना

जैन समाज के पद्मावती विधान का कार्यक्रम. पुलिस वाले ने कन्यादान कर करायी शादी आरा : अपने पराये तथा पराये अपने हो गये. दो प्यार करने वालों की आंखें लड़ीं और जीवन-मरण की कसमें खाईं. मगर बीच के रोड़ा बन गये दोनों के मां-बाप, तब एक पुलिस वाले ने सहानुभूति के आंसू पोंछ दोनों को […]

जैन समाज के पद्मावती विधान का कार्यक्रम.

पुलिस वाले ने कन्यादान कर करायी शादी
आरा : अपने पराये तथा पराये अपने हो गये. दो प्यार करने वालों की आंखें लड़ीं और जीवन-मरण की कसमें खाईं. मगर बीच के रोड़ा बन गये दोनों के मां-बाप, तब एक पुलिस वाले ने सहानुभूति के आंसू पोंछ दोनों को सदा के लिए एक-दूजे के करने के लिए ठाना और मुकाम तक भी पहुंचाया. इनके गवाह बने सदर अस्पताल के मरीज व उनके परिजन तथा बराती बने कर्मचारी और पिता बन कन्यादान किया पुलिस वाले ने. हुआ यह कि सदर अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मी सनी और गुड़िया सफाई करते-करते एक-दूसरे को दिल दे बैठे. जिला स्कूल के समीप रहनेवाली गुड़िया और जेल रोड के पास रहनेवाले सन्नी में प्यार हो गया.
लेकिन, दोनों के मां-बाप विरोध में उतर गये. परंतु दोनों को हवलदार मंगीत राम का साथ मिल गया. बुधवार को सनी व गुड़िया बरातियों के साथ पहुंचे, तो लड़के के पिता को उनकी जीत के आगे झुकना पड़ा और वह भी आशीर्वाद देने पहुंच गये. हवालदार मंगीत राम ने कन्यादान का फर्ज निभाकर सनी व गुड़िया की शादी करायी. बरातियों के सामने पंडित बने देवेंद्र ने शादी में मंत्र पढ़े. पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जयमाल हुआ. इसके बाद कन्यादान कर बेटी गुड़िया को विदाई दी.
सदर अस्पताल में प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरता प्रेमी.

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