विकास की अवधारणा की शुरुआत लोगों की आवश्यकता के मूल से होती है. जैसे-जैसे मानव जीवन को समुचित और सुविधा के आधार पर आगे बढ़ाने की जरूरत होती है वैसे-वैसे आवश्यकताओं का भी दायरा बढ़ता जाता है. जब इस बढ़ते दायरे के अनुरूप विकास का लक्ष्य निर्धारित कर उस लक्ष्य को हासिल किया जाये तब परिणाम सुखद होता है.
आरा : हाशिये पर पड़ी जन समस्याओं का भी निराकरण हो तो समस्याएं स्वत: समाप्त हो जाती हैं. इसके लिए जनता, प्रशासन और जनप्रतिनिधि तीनों के मिले-जुले प्रयास की जरूरत पड़ती है. लगातार प्रयास से समस्याओं का निराकरण आसान होता है. वहीं जब लगातार प्रयास न हो, तो समस्याएं विकट रूप ले लेती हैं. वार्ड नंबर 19 के अंतर्गत हरी जी के हाता, प्रोफेसर कॉलोनी, डीएन कोठी गोलंबर, क्लब रोड, आदर्श कॉलोनी, श्री भगवान कॉलोनी, राजेंद्र नगर, भगत सिंह की मूर्ति के पास मुख्य सड़क से पश्चिम का क्षेत्र महावीर टोला मुख्य सड़क से दक्षिण डॉ जीत शर्मा के घर से पश्चिम व दक्षिण का क्षेत्र आता है. समस्याओं की ऑन द स्पॉट पड़ताल करने पर कई बातें अच्छी दिखीं तथा कुछ समस्याएं भी दिखायी पड़ीं.
बिजली आपूर्ति की स्थिति मिली-जूली : इस वार्ड में बिजली की आपूर्ति 16 से 17 घंटे होती है. पर जर्जर तार एवं कई जगह टूटे पोल के कारण लोगों को सही से बिजली नहीं मिल पाती है. विभाग की लापरवाही से लोगों को परेशानी हो रही है. वहीं, छात्रों के लिए यह बड़ी समस्या है. उनकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है.
कई सड़कें हैं अच्छी पर कहीं-कहीं हैं टूटी : वार्ड में ज्यादातर सड़कें एवं गलियां पक्की हो चुकी हैं, पर एक दो गलियां अभी भी कच्ची हैं. उन्हें पक्कीकरण का इंतजार है. डॉ बीके शुक्ल के घर से जैन कॉलेज हॉस्टल की तरफ आनेवाली सड़क 20-25 फुट तक टूटी हुई है. जबकि यह सड़क काफी व्यस्त है. इससे आने-जानेवालों व वार्डवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
वार्ड में महज एक स्कूल : महज एक गर्ल्स हाइ स्कूल पर ही पूरे वार्ड की शिक्षा का दारोमदार टिका हुआ है. वह भी केवल छात्राओं के लिए. छात्रों के लिए एक भी सरकारी विद्यालय नहीं है, जबकि सरकार द्वारा शिक्षा के प्रचार-प्रसार का ढोल पीटा जा रहा है. वहीं, वार्ड में एक भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है.
इससे वार्ड के छात्र एवं छात्राओं की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है.
जबकि सरकार द्वारा सभी वार्डों में प्राथमिक विद्यालय संचालित करने का बार-बार घोषणा की जाती है.
स्वच्छता की स्थिति है अच्छी, पर कचरा भी दिखा : वार्ड में स्वच्छता की स्थिति अच्छी है. सड़कों एवं गलियों की सफाई अच्छी थी. लोगों ने बताया कि इस वार्ड में सुबह एवं शाम प्रतिदिन सफाई होती है. फिर भी कुछ जगहों पर कचरा पड़ा हुआ है. इसका उठाव नहीं होने से काफी समस्या पैदा हो रही है.
स्ट्रीट लाइट की है अच्छी व्यवस्था : इस वार्ड में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था अच्छी है. रखरखाव भी प्राय: किया जाता है. फिर भी कुछ गलियों में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात्रि में अंधेरा छा जाता है. इससे लोगों को आने-जाने में काफी असुविधा होती है.
नालियों की स्थिति अच्छी, पर कुछ समस्याएं बरकरार : वार्ड में नालियों की स्थिति अच्छी है. अधिकतर नालियों का पक्कीकरण हो चुका है. फिर भी कुछ नालियां अभी भी पक्की करण का इंतजार कर रही हैं. इससे पानी निकासी में समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
राशन व केरोसिन वितरण की है समस्या : राशन की दुकानें प्रतिदिन नियमित एवं समय पर नहीं खुलती हैं. जन वितरण प्रणाली की दुकान कब खुलेगी, अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है. इससे लोगों को राशन एवं केराेसिन मिलने में काफी असुविधा होती है. वहीं जो राशन मिलता है वह भी काफी निम्न स्तर का होता है.
वार्ड 19 में ऐसे डंप किये जा रहे कचरे.
निराकरण के बाद भी बरकरार हैं कई समस्याएं
सफाई नियमित होती है. सड़कें साफ रहती हैं. कभी -कभार सफाई कर्मी नहीं भी आते हैं. शहर में कचरा डंप करने की व्यवस्था नहीं रहने से परेशानी है. वार्ड के कचरे ऐसे ही जहां-तहां रख दिये जाते हैं, जिससे परेशानी होती है.
बेबी सिंह, वार्डवासी
मुहल्ले में सफाई कर्मी हमेशा आते हैं एवं सफाई भी करते हैं. लेकिन कचरा निस्तारण की व्यवस्था नहीं रहने से वार्ड के ही खाली पड़ी जगह पर डंप कर दिया जाता है, जिससे निकल रही बदबू से परेशानी होती है.
शुभम राज, वार्डवासी
वार्ड में स्ट्रीट लाइट की अच्छी व्यवस्था है. इसका रखरखाव भी नियमित रूप से हो रहा है. वार्ड आयुक्त अपने संसाधनों से भी मरम्मत कराते हैं. फिर भी वार्ड में कई समस्याएं हैं, जिनका निराकरण करने की जरूरत है.
अमरेंद्र कुमार सिंह, वार्डवासी
वार्ड की सभी गलियां लगभग पक्की हो गयी हैं. कुछ ही गलियां अब कच्ची हैं, जिन्हें पक्कीकरण का इंतजार है. वार्ड में कुछ समस्याएं विद्यमान हैं, जिनके निराकरण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है.
अभिषेक सिंह, वार्डवासी
अपने पैसे लगा कर स्ट्रीट लाइटें रिपेयर करा देती हूं. लक्ष्मी बाइ पेंशन 15 लोगों को मिल रही है. 90 प्रतिशत नाली एवं गलियों की ढलाई हो चुकी है. वार्ड के किसी भी कार्य व की समस्याओं के लिए हमेशा तत्पर रहती हूं.
सीमा देवी, वार्ड पार्षद
वार्ड में समस्याएं बहुत हैं, पर उनके निराकरण के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. प्राथमिकता के आधार पर सभी समस्याओं का निराकरण किया जायेगा. आकलन कराया जा रहा है. काम भी जल्द शुरू होगा.
प्रमोद कुमार, नगर आयुक्त
पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं : पूरे वार्ड में मात्र छह चापाकल ही हैं, जो वार्ड की जनसंख्या के अनुपात में काफी कम हैं. वहीं जलमीनार का भी अभी तक निर्माण नहीं हो पाया है. इससे लोगों को पानी की आपूर्ति घरों में नहीं हो पाती है. इससे वार्डवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. खास कर गरीबों के लिए यह बहुत बड़ी समस्या है. 21वीं सदी में भी पीने के लिए स्वच्छ पानी नहीं मिलता.
शौचालय की व्यवस्था नहीं : इस वार्ड में सार्वजनिक शौचालय एक भी नहीं है. वहीं शौचालय निर्माण योजना के तहत बनने वाले शौचालय का भी निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है. हालांकि इस वार्ड में पड़ने वाले अधिकतर क्षेत्र नगर के पॉश इलाके के रूप में जाने जाते हैं. इस कारण प्राय: घरों में शौचालय की निजी व्यवस्था है. कुछ गरीब हैं, पर उनके घर में शौचालय निर्माण नहीं हो पाया है.
पेंशन की स्थिति बेहतर नहीं : सरकार द्वारा चलायी जा रही नि:शक्तता, वृद्धावस्था एवं लक्ष्मी बाई पेंशन योजना की स्थिति मिली-जूली है. वार्ड आयुक्त द्वारा कई लोगों का नाम इन पेंशन योजनाओं के लिए अनुशंसित कर प्रखंड कार्यालय में भेजा गया है. कई लोग पेंशन लक्ष्मी बाइ पेंशन योजना के तहत स्वीकृत हो चुके हैं. जबकि वृद्धावस्था पेंशन के लिए अनुशंसित आवेदन प्रखंड कार्यालय में भेजा गया है. पर वहां की लालफीताशाही के कारण आवेदन अभी भी धूल चाट रहे हैं. नि:शक्त्ता पेंशन के लिए एक भी आवेदन स्वीकृत नहीं किया गया है.
