जेइ परीक्षा. द्वितीय पाली का प्रश्नपत्र मिलने पर छात्र नाराज
आरा : बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित कनीय अभियंता /असैनिक यांत्रिक की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा रविवार को मुख्यालय के 15 परीक्षा केंद्रों पर हुई. इसमें एक परीक्षा केंद्र एसबी कॉलेज पर परीक्षार्थियों ने हंगामा खड़ा कर परीक्षा का बहिष्कार कर दिया. इससे कॉलेज में अफरा- तफरी का माहौल कायम हो गया. घटना की सूचना पाकर जिला प्रशासन के जिले के आलाधिकारी परीक्षा केंद्र पहुंचे और मामले की जानकारी हासिल की. अधिकारियों ने आक्रोशित परीक्षार्थियों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन परीक्षार्थी नहीं माने.
बता दें कि एसबी कॉलेज केंद्र पर जेइ की परीक्षा दो पालियों में आयोजित थी.
इसमें 1200 छात्र शामिल हुए. प्रथम पाली में शामिल हुए सैकड़ों परीक्षार्थियों को द्वितीय पाली का प्रश्नपत्र थमा दिया गया. वहीं कुछ परीक्षार्थी को प्रथम पाली का ही प्रश्न पत्र मिला. इस बात की जब जानकारी केंद्राधीक्षक को मिली, तो उन्होंने वैसे परीक्षार्थी जिन्हें द्वितीय पाली का प्रश्नपत्र दिया गया था.
उनसे प्रश्न पत्र वापस लेना शुरू कर दिया गया, जिससे परीक्षार्थी भड़क उठे और परीक्षा का वॉक आउट कर दिया. इधर केंद्राधीक्षक द्वारा प्रशासन को इसकी जानकारी दी गयी, जिसके बाद जिले के आलाधिकारी केंद्र पर पहुंचे और बहिष्कार कर रहे परीक्षार्थियों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और अपना हंगामा जारी रखा. किसी तरह की अनहोनी न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा अतिरिक्त पुलिस बल भी मंगा लिया गया था.
परीक्षा केंद्र पर लगे जैमर के कारण देर से मिली सूचना : परीक्षा को लेकर एसबी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर जैमर लगाया गया था ताकि मोबाइल के माध्यम से परीक्षार्थी बाहर संपर्क न कर सके. लेकिन जब परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार करना शुरू किया, तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को देर से मिली. कॉलेज प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्र के बाहर जाकर मोबाइल पर इसकी सूचना जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी को दी. सूचना पाकर डीएम, डीडीसी, एडीएम, एसडीओ अपने दल बल के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचे लेकिन परीक्षार्थी हंगामा के बीच परीक्षा का बहिष्कार कर दिया.
बक्से में प्रथमपाली, द्वितीय पाली न लिखने से बिगड़ा मामला : एसबी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र और उत्तर पत्र के सील बंद चार बक्से आये. इसमें प्रथम पाली और द्वितीय पाली नहीं लिखा था. हालांकि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही कही जायेगी, जब प्रश्नपत्र और उत्तर पत्र के लिए चारों बक्सा खुला तो केवल प्रथम पत्र का ही प्रश्न पत्र उत्तर पत्र परीक्षार्थियों को देना चाहिए था. लेकिन कुल 19 कमरों में से कुछ कमरों में प्रथम पत्र तथा कुछ कमरों में द्वितीय पत्र उत्तर पत्र वितरित कर दिया गया, इसको देख कर परीक्षार्थी भड़क गये और परीक्षार्थी का बहिष्कार कर दिया.
वापस लिया गया द्वितीय पाली का प्रश्नपत्र : केंद्राधीक्षक छोटे लाल राय ने कहा कि एसबी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर जेइ की परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई. जिला प्रशासन द्वारा चार बक्सों में प्रश्नपत्र भेजा गया था. बक्से पर यह नहीं लिखा था कि कौन प्रथम पाली का है और कौन द्वितीय पाली का है.
कॉलेज प्रशासन द्वारा चारों बक्सों को खोल कर परीक्षार्थियों के बीच प्रश्नपत्र का बंटवारा कर दिया गया. इसी क्रम में कुछ परीक्षार्थियों को प्रथम पाली तथा कुछ को द्वितीय पाली का प्रश्नपत्र मिल गया. इस पर परीक्षार्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया. लेकिन त्वरित कार्रवाई करते हुए द्वितीय पाली के प्रश्नों को इक्ट्ठा कर लिया गया और सभी परीक्षार्थियों को केवल प्रथम पाली के प्रश्न पत्र दिये गये लेकिन परीक्षार्थी परीक्षा देने को तैयार नहीं थे और परीक्षा का बहिष्कार कर दिया. जैमर लगने के कारण परीक्षा केंद्र के बाहर जाकर जिला प्रशासन को सूचना दी गयी. जिला प्रशासन ने डीइओ से बात करने को कहा.
इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस बल के जवान आ गये लेकिन परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी. उन्होंने कहा कि एक ही चाबी से चारों बक्सा खुल गया. जबकि जिला प्रशासन को दो अलग- अलग पाली के बक्साें की चाबी देनी चाहिए थी. श्री राय ने कहा कि परीक्षा केंद्र पर केवल 4-1 का फोर्स लगाया गया था.
क्या कहते है कर्मचारी चयन आयोग के सचिव : कर्मचारी चयन आयोग के सचिव परमेश्वर राम ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा बहिष्कार का पत्र अब तक नहीं भेजा गया है. पत्र मिलने के बाद नियमानुकूल कार्रवाई की जायेगी. हालांकि उन्होंने कहा कि प्रथमदृष्टया परीक्षा बहिष्कार की रिपोर्ट आने के बाद परीक्षा रद्द करने की अनुशंसा की जा सकती है.
एसबी कॉलेज छोड़ अन्य केंद्रों पर शांतिपूर्ण रही परीक्षा : बिहार कर्मचारी चयन आयेाग द्वारा आयोजित कनीय अभियंता/ असैनिक यांत्रिक की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा रविवार को हुई. एसबी कॉलेज परीक्षा केंद्र को छोड़ दिया जाये, तो मुख्यालय में परीक्षा को लेकर बनाये गये अन्य केंद्रों पर यह परीक्षा शांतिपूर्ण रही.
उड़नदस्ता ने किया केंद्रों का निरीक्षण : परीक्षा को कदाचाररहित वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए चार उड़नदस्ता का गठन किया गया था. इनमें संजीव कुमार सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, बुद्ध प्रकाश उपसमाहर्ता भूमि सुधार आरा सदर, नजर हुसैन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी तथा कुमार विमल व जिला आपूर्ति पदाधिकारी शामिल हैं. इसके अतिरिक्त चार पैट्रोलिंग दंडाधिकारी शिव कुमार सिंह, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, संजय नाथ तिवारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी तथा डाॅ ओम प्रकाश जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शिक्षा विभाग शामिल थे. इनके द्वारा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया.
अधिकारियों ने आक्रोशित परीक्षार्थियों को समझा-बुझा कर शांत कराया
परीक्षा का बहिष्कार करते छात्र.
एसबी कॉलेज केंद्र पर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
छात्रों के हंगामे से अफरा- तफरी का माहौल रहा कायम
एसबी कॉलेज केंद्र पर 1200 परीक्षार्थी दे रहे थे परीक्षा
जैमर के कारण बाहर जाकर देनी पड़ी सूचना
दो गुटाें में बंटे परीक्षार्थी
एसबी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर जेइ की परीक्षा देने आये परीक्षार्थी दो फाड़ में बटे थे. एक तरफ जहां परीक्षार्थी प्रथम पाली में द्वितीय पाली का प्रश्न पत्र बांटे जाने को लेकर परीक्षा का बहिष्कार कर दिया. वहीं कुछ परीक्षार्थियों का कहना था कि इस परीक्षा का मामला कोर्ट में लंबित है. बावजूद सरकार इस परीक्षा को कंडक्ट करा रही है, जिसको लेकर परीक्षा न देने का बहाना निकाला. ऐसे में कुल मिला कर परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी की अलग- अलग राय देखी गयी.
एसबी कॉलेज केंद्र पर दुबारा घटी ऐसी घटना
एसबी कॉलेज केंद्र पर यह पहली घटना नहीं है. पूर्व में भी इसी तरह के मामले के कारण परीक्षार्थियों ने बहिष्कार किया था. गत दिनों हाइकोर्ट की आयोजित परीक्षा में भी प्रश्नपत्र और ओएमआर के सीरियल नंबर में अंतर था. इसको लेकर परीक्षार्थियों ने हंगामा किया था. रविवार को भी ऐसा ही कुछ हुआ. जेइ की परीक्षा के दौरान प्रथम पाली में ही द्वितीय पाली का प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों को दे दिया गया, जिसके कारण हंगामा खड़ा हुआ.
परचा लीक की खबर चर्चा में, जिला प्रशासन ने नकारा
शहर के कुछ जगहों पर जेइ परीक्षा के प्रश्नपत्र लिक होने की खबर चर्चा में रही. परीक्षा केंद्र के बाहर परीक्षार्थी लिक हुए प्रश्नपत्र का उत्तर मिलान करते दिखे. हालांकि घटना से पुलिस प्रशासन इनकार किया है. लेकिन परचा लिक के बाद मोबाइल से सगे- संबंधी अपने करीबियों को प्रश्न का उत्तर बताते देखे गये. वहीं जो उत्तर लिक हुआ था वह भी वाटसअप के जरिये परीक्षा केंद्र के अंदर भेजा जाते देखा गया.
नहीं हुआ परचा लीक : आयोग
कर्मचारी चयन आयोग के प्रतिनिधि के रूप में एसबी कॉलेज में आये देवेंद्र रजक ने कहा कि प्रथमदृष्टया केंद्राधीक्षक की लापरवाही प्रतीत होती है. हालांकि परचा लीक की खबर को उन्होंने अफवाह बतायी. श्री रजक ने कहा कि बक्सा और चाबी पर अलग- अलग नंबर दिया गया था, फिर भी ऐसी गलती हुई है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इसकी सूचना आयोग को दी गयी है. इधर प्रशासन भी मामले की जांच कर रहा है. मैंने भी अपने स्तर से आयोग को सूचित कर दिया है.
