गलियों में खटाल, समस्याएं बरकरार

लोकतंत्र की खूबसूरती होती है चुनाव और जनता का अमोघ अस्त्र होता है मतदान. हर अगला पांचवां वर्ष जनता के लिए आशा की एक नयी सुबह लेकर आता है. हर बार जनता इस हर्षोल्लास एवं आशा के साथ मतदान करती है कि अगला प्रतिनिधि उसके लिए सुविधाओं का पिटारा खोल देगा, पर अगला पांच वर्ष […]

लोकतंत्र की खूबसूरती होती है चुनाव और जनता का अमोघ अस्त्र होता है मतदान. हर अगला पांचवां वर्ष जनता के लिए आशा की एक नयी सुबह लेकर आता है. हर बार जनता इस हर्षोल्लास एवं आशा के साथ मतदान करती है कि अगला प्रतिनिधि उसके लिए सुविधाओं का पिटारा खोल देगा, पर अगला पांच वर्ष भी लोकतंत्र के असली मालिक पर छदम मालिकों का कारनामा भारी पड़ता है. जनता प्रायश्चित करती है और अगले चुनाव का इंतजार करती है.

आरा : वार्ड के हालात अब भी ऐसा नहीं है कि उसे विकसित या विकासशील कहा जाये. लोक लुभावन नारों का धरातल पर कहीं भी प्रकटीकरण नहीं हो रहा है. वार्ड 22 में महादेवा मेन रोड से पूरब तथा जेल रोड से पश्चिम का क्षेत्र पड़ता है. प्रभात खबर द्वारा जब ऑन द स्पॉट समस्याओं की पड़ताल की गयी, तो कई समस्याएं दिखीं.
खटालों से आने-जाने में होती है परेशानी : आज भी वार्ड का हालात ऐसा है कि गलियों में खटाल चलाया जाता है. इससे लोगों को आने-जाने में असुविधा होती ही है, गंदगी भी पांव पसारे रहती है.
डस्टबीनों की है कमी : वार्ड में काफी कम संख्या में डस्टबीन लगाये गये है. इससे वार्डवासियों को कूड़ा फेंकने में काफी समस्या होती है.
सड़कों व गलियों में पसरा रहता है कूड़ा : सड़कों पर कई जगह कूड़ा पसरा रहता है. वहीं गलियों में भी गंदगी फैली रहती है. इसकी सफाई नियमित नहीं की जाती है.
नहीं है सामुदायिक शौचालय : वार्ड में एक भी सामुदायिक शौचालय नहीं होने के कारण गरीबों को काफी परेशानी होती है. उन्हें खुले में शौच जाना पड़ता है. यह सरकार के प्रयास के विपरीत है.
सड़कों व गलियों की नहीं है अच्छी स्थिति: वार्ड के सड़कों एवं गलियों की स्थिति अच्छी नहीं है. कई जगह गड्ढा बन गया है, तो कई जगह टूटी- फूटी अवस्था में है. वहीं कई गलियां अब भी पक्कीकरण के इंतजार में है.
गलियों में पड़ा गंदगी का अंबार.
क्या कहते हैं वार्डवासी
सफाई हो
नालियों व गलियों की नियमित सफाई नहीं होती. इसकी सफाई होनी चाहिए.
मो मुल्तान
परेशानी
गलियों में खटाल चलाया जाता है. इससे आने- जाने में परेशानी होती है और गंदगी भी फैलती है.
बबलू कुमार
नहीं है टंकी
डोर- टू- डोर कूड़ा लेने के लिए कर्मी नहीं आता है. पीने के पानी के लिए जलमीनार नहीं है.
रवींद्र सिंह
लाइट लगे
कई गलियों में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात्रि में अंधेरा फैल जाता है, स्ट्रीट लाइट लगनी चाहिए.
रामनिवास प्रसाद
क्या कहते हैं नगर आयुक्त
समस्याओं का जल्द ही निराकरण कर दिया जायेगा.
प्रमोद कुमार , नगर आयुक्त
क्या कहते हैं वार्ड पार्षद
नलियों व गलियों की सफाई करायी जाती है. काफी संख्या में स्ट्रीट लाइट भी लगायी गयी है.
नसीम बानो, वार्ड पार्षद
बिजली व स्ट्रीट लाइट की भी स्थिति है दयनीय
वार्ड में बिजली एवं स्ट्रीट लाइट की स्थिति दयनीय है. कई जगह बिजली के तार जर्जर स्थिति में है. काफी कम समय बिजली उपलब्ध करायी जाती है. वहीं सभी गलियों में भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगायी गयी है. इससे रात्रि में लोगों के आने- जाने में परेशानी होती है.
अब भी कमाऊ शौचालय है वार्ड में : वार्ड के एक घर में अब भी कमाऊ शौचालय है, पर घरवालों ने बताया कि इसका उपयोग नहीं किया जाता है.
राशन- केराेसिन मिलने में लोगों को होती है परेशानी : वार्ड के लोगों को राशन- केराेसिन मिलने में परेशानी होती है. जनवितरण प्रणाली की दुकान में अनियमित रूप से खुलती है. इससे लोग राशन- केराेसिन पाने में वंचित हो जाते हैं. इससे गरीबों को काफी परेशानी होती है.
स्वच्छता की भी स्थिति है दयनीय : वार्ड में सफाई कर्मी नियमित नहीं आते है. इससे नालियों एवं गलियों की नियमित सफाई नहीं हो पाती है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है.
पेंशन की स्थिति है बुरी : वृद्धावस्था पेंशन, नि:शक्तता पेंशन तथा लक्ष्मीबाई पेंशन भी गिनती के लोगों को मिलती है. अधिसंख्य लोग इससे वंचित है. इस कारण इस श्रेणी के लोगों की स्थिति दयनीय है.
शिक्षा का है बुरा हाल
वार्ड में एक भी विद्यालय नहीं होने के कारण वार्ड के छात्रों को अन्य जगह जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है. इससे छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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