आरा : स्थानीय राजकीय रेल थाना पुलिस ने प्लेटफॉर्म संख्या तीन से तीन मूक बधिर छात्राओं को सकुशल बरामद किया है. 21 अप्रैल को खुर्माबाद स्थित कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय, रोहतास से तीनों छात्राएं गायब हो गयी थी, जिसके बाद वहां के स्थानीय थाने में एक मामला दर्ज कराया गया था.
पुलिस ने बुधवार को प्लेटफॉर्म संख्या तीन से तीनों छात्राओं को बरामद किया.इस संबंध में रेल एसपी प्रकाश नाथ मिश्र ने बताया कि सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन से बच्ची आरा पहुंची थी, जहां राजकीय रेल थाना पुलिस द्वारा बच्चियों को बरामद किया गया. उन्होंने बताया कि तीनों छात्राएं रोहतास की रहनेवाली है और वहीं के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में रह कर पढ़ती है.
छात्राओं का नाम रूपा, सलोनी तथा काजल है. उन्होंने बताया कि परिजनों को इसकी सूचना दे दी गयी है. परिजनों के आने के बाद छात्राओं को परिजनों के सुपुर्द कर दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि तीनों छात्राएं विद्यालय से भाग गयी थी और पटना-सासाराम पैसेंजर से आरा पहुंच गयी थी, जिसे गश्त कर रही राजकीय रेल थाना पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया.
कहती हैं हॉस्टल की वार्डेन
हॉस्टल की वार्डेन सलमा खातून ने बताया कि खुर्माबाद कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय में 25 मूक-बधिर बच्चियां हैं. सभी कक्षा छह से आठ तक की छात्राएं हैं. एक नियमित शिक्षिका मंजू वर्मा बच्चियों की देखभाल व पढ़ाती हैं. स्कूल में मजदूर व दलित परिवारों की भी बच्चियां पढ़ने आती हैं.
मंगलवार की सुबह सासाराम रिपोर्ट जमा करने गयी थीं. दोपहर एक बजे तक सभी बच्चियों के उपस्थित होने की सूचना थी. करीब तीन बजे फोन आया कि सेंटर से मूक-बधिर छात्र सलोनी कुमारी, रूपक कुमारी व काजल कुमारी लापता हो गयी हैं. जिला स्थित हेड ऑफिस व अभिभावकों को तत्काल इसकी जानकारी दी गयी.
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
बच्चियों के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. छात्र काजल कुमारी के पिता योगेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि गार्ड की लापरवाही से ही सभी बच्चियां लापता हुई थीं.
हालांकि, शिक्षिका व वॉर्डेन ने आरोपों को खारिज किया है. चेनारी थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि वॉर्डेन से सूचना मिलते ही आसपास के स्टेशनों की जीआरपी को सूचित कर दिया गया था. उनकी चौकसी से ही बच्चियों को बरामद कर लिया गया.
