फैशन डिजाइनिंग ने बदली अनुपमा की जिंदगी

आरा : 10 वर्ष पहले खोपिरा से निकल कर आरा पहुंची अनुपमा ने ये नहीं सोचा था कि एक दिन फैशन डिजाइनिंग ही उसकी पहचान बन जायेगी. फैशन डिजाइनिंग करने के बाद अब वह प्रशिक्षण देकर महिलाओं को स्वावलंबी बना रही है. अब तक तीन सौ महिलाओं को प्रशिक्षित कर चुकी है. प्रशिक्षण के बाद […]

आरा : 10 वर्ष पहले खोपिरा से निकल कर आरा पहुंची अनुपमा ने ये नहीं सोचा था कि एक दिन फैशन डिजाइनिंग ही उसकी पहचान बन जायेगी. फैशन डिजाइनिंग करने के बाद अब वह प्रशिक्षण देकर महिलाओं को स्वावलंबी बना रही है. अब तक तीन सौ महिलाओं को प्रशिक्षित कर चुकी है.
प्रशिक्षण के बाद कई महिलाएं स्वावलंबी हुई है और फैशन डिजाइनिंग के जरिये अच्छी आमदनी भी कर रही है. अनुपमा अपने साथ-साथ कई लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है. अनुपमा की आमदनी भी पहले से कई गुणा बढ़ गयी है.
तीन सौ महिलाओं को कर चुकी है प्रशिक्षित : अनुपमा अब तक फैशन डिजाइनिंग के जरिये तीन सौ महिलाओं को प्रशिक्षित कर चुकी है. आज इस धंधे से जुड़ कर कई महिलाएं अच्छी आमदनी कर रही है. वहीं अनुपमा महिलाओं के लिए आइकॉन बनी हुई है. अनुपमा ने बताया कि फैशन डिजाइनिंग करने के बाद हमने सोचा कि क्यों न ज्यादा से ज्यादा लोग को प्रशिक्षित किया जाये, जिसके बाद मैंने एनजीओ के द्वारा गांव – गांव घुम कर महिलाओं को प्रशिक्षित करना शुरू किया, जिसका नतीजा अच्छा मिला और ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित करने के बाद स्वावलंबी हुई.
घर की भी अच्छी तरह से करती है देखभाल
अनुपमा महिलाओं को जहां स्वावलंबी बना रही है. वहीं घर का भी अच्छी तरह से देखभाल करती है. अनुपमा के दो बेटे और एक बेटी है. उनके पति फिलहाल एक कंपनी में एमआर का काम करते है. अनुपमा ने बताया कि पति का भरपूर सहयोग मिलता है, जिसके बदौलत महिलाओं को प्रशिक्षित करती है.

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