आखिर मेरा क्या कसूर, जन्म के साथ ही मिली यह सजा

आखिर मेरा क्या कसूर है, जो जन्म के साथ ही मुङो इस तरह गेहूं के खेत में फेंक दिया गया है. मैं तो किसी से कुछ कहने के लायक भी नहीं हूं. फिर मुङो इतनी बड़ी क्यों सजा दी गयी. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बड़की डुमरा गांव के गेहूं के खेत से नवजात बच्ची को […]

आखिर मेरा क्या कसूर है, जो जन्म के साथ ही मुङो इस तरह गेहूं के खेत में फेंक दिया गया है. मैं तो किसी से कुछ कहने के लायक भी नहीं हूं. फिर मुङो इतनी बड़ी क्यों सजा दी गयी. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बड़की डुमरा गांव के गेहूं के खेत से नवजात बच्ची को बरामद किया गया, जिसे सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भरती कराया गया है.
आरा : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बड़की डुमरा गांव के गेहूं के खेत से नवजात बच्ची को बाल कल्याण समिति द्वारा बरामद किया गया है. बाल कल्याण समिति की डॉ सुनीता सिंह ने बताया कि सूचना मिली कि गेहूं के खेत में नवजात बच्ची है. इसके बाद समिति के सदस्यों ने बच्ची को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भरती कराया गया है.
आखिर मेरे साथ ही इस तरह क्यों हो रहा है : जिले में नवजात बच्चियों के मिलने का सिलसिला जारी है. आंकड़ों पर गौर करें, तो स्पष्ट हो जायेगा कि आज भी हमारे समाज में ऐसे कई लोग हैं, जो बच्चियों को एक बोझ समझते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >