आरा : सात वर्षीया नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के एक मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पास्को के विशेष न्यायाधीश आरके सिंह ने मंगलवार को पास्को की धारा के तहत दोषी पाते हुए आरोपित प्रमोद उपाध्याय को सश्रम उम्रकैद व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई.
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सरोज कुमारी ने बहस की थी. उन्होंने बताया कि 14 मई 2018 को चरपोखरी क्षेत्र के निवासी सात वर्षीया लड़की घर के बगल में बाहर कचड़ा फेंकने गयी थी.
इसी दौरान वहां पर मौजूद उसी गांव के प्रमोद उपाध्याय ने उसकी बांह पकड़कर पास की बांसवाड़ी में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना को लेकर पीड़िता के पिता ने थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पीड़िता का इलाज आरा सदर अस्पताल में कराया गया था. कोर्ट द्वारा आरोप का गठन एक अक्तूबर, 2018 को किया गया था.
