आरा : आरा मंडल कारा के गेट पर दिनदहाड़े फायरिंग करने के मामले में पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर लगी हुई है. इसको लेकर पुलिस का दावा है कि अपराधियों की पहचान कर ली गयी है. बहुत जल्द उनकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी चल रही है.
इसको लेकर एसपी ने एक टीम का गठन किया है, जिसमें डीआइयू की टीम तथा नगर थाने की पुलिस लगी हुई है. घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस पदाधिकारियों ने जेल के गेट के समीप लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान हो सकी है.
सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की गयी, जिसका तार जेल के अंदर बंद अपराधियों के इशारे पर की गयी है. बता दें कि जेल में रोक लगने के बावजूद अपराधी लगातार मोबाइल फोन से बातचीत कर रहे हैं और बाहर के अपराधियों के साथ आज भी सांठ- गांठ बनाये हुए हैं, जिसको लेकर लगातार आपराधिक घटनाएं हो रही हैं.
छह साल पहले जेल के गेट पर एक सिपाही की गोली मारकर कर दी गयी थी हत्या : बेखौफ अपराधियों द्वारा छह साल पहले जेल के गेट पर कारा सिपाही हामीद अंसारी की हत्या गोली मारकर कर दी थी. हालांकि इस मामले में पुलिस ने कई अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वर्ष 2018 में भी जेल के गेट के समीप अपराधियों द्वारा फायरिंग की गयी थी. घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी थी.
