11 हजार एमटी गेहूं खरीद की लक्ष्य प्राप्ति पर लगा ग्रहण

आरा : जिले के लाचार किसान इस रबी मौसम में भी अपनी कड़ी मेहनत से उपजाये गये गेहूं को बेचने के लिए प्रतिदिन साहूकारों के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं. ताकि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुरूप गेहूं की कीमत प्राप्त हो सके. प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण जिले में किसानों से […]

आरा : जिले के लाचार किसान इस रबी मौसम में भी अपनी कड़ी मेहनत से उपजाये गये गेहूं को बेचने के लिए प्रतिदिन साहूकारों के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं. ताकि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुरूप गेहूं की कीमत प्राप्त हो सके. प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण जिले में किसानों से गेहूं खरीद के लिए पर्याप्त प्रबंध नहीं किया गया है. सरकार के दबाव में सिर्फ कागजी खानापूरी करने के लिए जिले में करीब 52 पैक्स में गेहूं खरीद करने के लिए गेहूं क्रय केंद्र खोला गया है. हालांकि जमीनी सच्चाई बिल्कुल उलट है.

खोले गये गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों से गेहूं की खरीद नहीं की जा रही है. नतीजतन, किसान विवश होकर साहूकारों के हाथों 1700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बेचने को विवश है. सहकारिता विभाग के सूत्रों का कहना है कि सरकार ने जिले के 228 पैक्स में से सिर्फ वैसी पैक्स को गेहूं खरीद के लिए अधिकृत करने को कहा था, जिनके पास पीडीएस दुकान नहीं हो. यही नहीं, जिन पर धान या गेहूं खरीद में अनियमितता बरतने के मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो.
ऐसे में जिले की मात्र 52 पैक्स ही गेहूं खरीद के लिए मात्र बची थी, जिन्हें गेहूं खरीद के लिए प्राधिकृत किया गया है. उल्लेखनीय है कि जिले में अब तक करीब 155 एमटी गेहूं ही खरीद की गयी है, जबकि जिले में गेहूं की खरीद 30 जून तक करनी है. ऐसे में 11000 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य को प्राप्त कर पाना मुश्किल है. यूं कहे तो गेहूं खरीद के लक्ष्य प्राप्ति पर मानों ग्रहण लग गया है.
विदित हो कि जिले में सरकार से किसानों से गेहूं अधिप्राप्ति के लिए गेहूं का न्यूनत्तम समर्थन मूल्य 1870 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है. वहीं दूसरी ओर गेहूं खरीद से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि बाजार में गेहूं का मूल्य 1700 -1730 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को मिल रहा है. इस कारण किसान कागजी प्रक्रिया के साथ गेहूं बेचने को लेकर गेहूं क्रय केंद्र पर जाना उचित नहीं समझ रहे हैं. जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रभात कुमार का कहना है कि किसान से गेहूं खरीद के लिए सहकारिता विभाग कटिबद्ध है. हमलोग शत प्रतिशत गेहूं खरीद का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए लगे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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