आरा : श्री 1008 अतिशयकारी चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर जी में दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं दिगंबर जैन मुनिसंघ सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ महा आराधना का कार्यक्रम बड़े ही भक्तिभाव एवं उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ.
सुबह में भगवान जिनेंद्र देव का भावपूर्वक पंचामृत, अभिषेक एवं शांतिधारा का कार्यक्रम श्यामा-उधोत कुमार जैन तथा यंत्र जी पर अभिषेक का कार्यक्रम रीना-अतुल चंद्र जैन ने संपन्न किया. सिद्ध परमात्मा के 512 गुणों का स्मरण करते हुए 512 श्रीफल सहित अर्घ चढ़ाया गया. प्रतिष्ठाचार्य पं शशिकांत जैन ‘शास्त्री’ एवं सहयोगी पं गुलाब चंद्र जैन के मंत्रोच्चारण एवं संगीतकार राहुल जैन एंड पार्टी के सु-मधुर स्वरों के बीच पूजा-आराधना का कार्यक्रम संपन्न हुआ. विधान को सान्निध्य प्रदान करनेवाली आर्यिका रत्न श्री 105 विपुलमती माताजी ने सभा को संबोधित करते हुए अपने प्रवचन में परिपक्वता पर बोलते हुए कहा कि बाहर और भीतर से परिपक्व होना ही सही मायने में परिपक्वता है.
ज्यादातर व्यक्ति भीतर से तो परिपक्व हो जाते हैं, लेकिन बाहर से परिपक्व नहीं हो पाते हैं. इसलिए ज्यादातर अधूरे रह जाते हैं. सिद्धचक्र महामंडल आराधना का लक्ष्य यही है कि हम अंदर और बाहर दोनों से परिपक्व बनें. संध्याकालीन कार्यक्रम में महा आरती रेखा-राजेश कुमार जैन परिवार ने किया.
कार्यक्रम में पंचायती मंदिर के अध्यक्ष अजित कुमार जैन, सचिव सुवीर चंद्र जैन, कोषाध्यक्ष धीरेंद्र चंद्र जैन एवं मुनिसंघ के सचिव अजय कुमार जैन बबलू सहित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ शशांक जैन एवं मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन की सक्रिय भूमिका रही.
आयोजन को सफल बनाने में दीपक जैन, निखिल कुमार जैन, अजय जैन, दीपक जैन, हर्ष जैन, मीना सेठी, सावित्री जैन, छवि जैन, सोनी जैन, सुधा जैन, रेणु जैन, रत्ना जैन, सविता जैन शामिल थे.
