सदर अस्पताल में मरीजों को नहीं मिलता मेनू के अनुसार भोजन
आरा : मरीजों की सेहत में जल्दी सुधार के लिए सरकार कई सुविधाएं दे रही हैं पर जिले के सबसे बड़े अस्पताल सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं.
अस्पताल प्रबंधन की लालफीताशाही व लूट-खसोट की नीति के कारण मरीजों को हो रही परेशानी है. इतना ही नहीं मरीजों की सुविधा की निगरानी के लिए गठित रोगी कल्याण समिति मरीजों की सुविधा में रोड़ा बनी रहती है.
अस्पताल भवन का नहीं किया जा रहा रंगरोगन : सदर अस्पताल के जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, प्रसूति वार्ड, शिशु वार्ड सहित अन्य वार्डों के भवनों का रंगरोगन नहीं किया जा रहा है. इसके कारण दीवारों पर सीलन की स्थिति बनी हुई है. वहीं दीवारों से पेंट छूटकर गिर रहे हैं. इस कारण मरीजों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है. इससे सरकार की सुविधा का पोल खुल रहा है.
नहीं दिया जाता है निर्धारित भोजन व जलपान : सदर अस्पताल में मरीजों को निर्धारित भोजन व जलपान नहीं दिया जाता है. इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. सरकार ने मरीजों के लिए सुबह का जलपान, दोपहर का भोजन, शाम का जलपान तथा रात का भोजन देने का प्रावधान किया है. इसके लिए मात्रा भी निर्धारित की गयी है पर सदर अस्पताल में मरीजों को निर्धारित मात्रा में भोजन नहीं दिया जा रहा है.
नहीं होती है शौचालयों की सफाई : सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में शौचालयों की सफाई नियमित नहीं की जाती है. इस कारण शौचालयों में गंदगी पसरा रहता है. इससे मरीजों को काफी असुविधा होती है. उन्हें काफी मानसिक दबाव झेलना पड़ता है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. गंदे शौचालय में जाने पर मरीज असहज महसूस करते हैं.
सतरंगी चादर योजना की निकल गयी हवा
सदर अस्पताल सहित जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सतरंगी चादर योजना की हवा निकल गयी है. दिन के अनुसार निर्धारित रंग की चादर बेड पर नहीं बिछायी जाती है.
गंदी चादर से ही मरीजों का काम चलता है. मरीजों को प्रतिदिन साफ चादर मिले. इसके लिए सरकार ने योजना के तहत दिन के अनुसार अलग- अलग रंग की चादर मरीजों को देना तय किया ताकि अस्पताल प्रबंधन इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं कर सके. इसके बाद भी सरकार की इस योजना पर अस्पताल प्रबंधन भारी पड़ रहा है.
क्या कहते हैं सीएस
डॉक्टर सुबह में जांच करते हैं. भोजन मेनू के अनुसार दिया जाता है. हो सकता है कभी कोई कमी रह जाती हो, उसे ठीक किया जायेगा. सफाई व्यवस्था भी ठीक की जायेगी.
डॉ जगदीश सिंह, सिविल सर्जन
क्या कहते हैं मरीज
डॉक्टर नियमित रूप से सुबह शाम वार्ड में मरीजों की जांच नहीं करते हैं. मरीजों की स्थिति खराब होने पर काफी समस्या हो जाती है. इस पर कार्रवाई होनी चाहिए.
रामकिशन पासवान
मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता है. जबकि सरकार मरीजों के लिए भोजन के लिए काफी राशि खर्च कर रही है. इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है. इससे परेशानी हो रही है.
विश्वनाथ यादव
अधिकतर दवाएं बाहर से खरीदने को कही जाती है. शौचालय सहित अन्य जगहों की साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं है. गंदगी से काफी परेशानी होती है.
श्यामलाल
