गांव में पहली बार उतरेगा उड़न खटोला
लोगों के लिए बना हुआ है आकर्षण का केन्द्र
आरा : जगदीशपुर के दावा गांव का भाग्य बदल चुका है. गांव में पहली बार कोई मुख्यमंत्री गांव के विकास का मुआयना करने आ रहा है. वहीं दावां गांव अपने इतिहास में पहली बार एक साथ इतने विकास कार्यों का गवाह बन रहा है. अपने भाग्य पर इतराते दावां के ग्रामीणों में एक अलग ही एहसास का अनुभव हो रहा है. वहीं दावां पहली बार किसी उड़न खटोले के आगमन का गवाह बनेगा. इसे लेकर ग्रामीणों में काफी उत्सुकता है. लोगों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.ग्रामीण मुख्यमंत्री व उनके उड़नखटोला को देखने के लिए बेताब है. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरा जिला प्रशासन चौकस है. हर रोज प्रशासनिक अधिकारियों सहित कर्मियों का जमावड़ा दावां में लगा रह रहा है.
मिनी जिला मुख्यालय बना दावां गांव
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर दावां गांव चमका दिया गया है. इसके लिए प्रशासन दिन रात कसरत कर रहा है. एक तरह से गांव जिले का मिनी जिला मुख्यालय बन गया है. अधिकारियों का अधिकांश समय दावां गांव में ही व्यवस्था को लेकर बीत रहा है. पूरे गांव में अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी ही दिखायी दे रहे है. मुख्यालय आरा में आवश्यक कार्य निबटा कर जिलाधिकारी संजीव कुमार, डीडीसी शशांक शुभंकर, एडीएम सुरेंद्र प्रसाद सहित सभी अलाधिकारी दावां पहुंच रहे है. इससे दावां गांव का फिजा ही बदल चुका है. आस- पास के गांव वाले दावां के भाग्य को देखकर हाथ मलते रह जा रहे है.
दुल्हन की तरह सजाया जा रहा सभा स्थल : मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर गांव में ग्रामीणों को संबोधित करने के लिए सभा स्थल का निर्माण अंतिम दौर में है. इसे दुल्हन की तरह सजाया गया है. वहीं सभा स्थल के आस-पास सुरक्षा की दृष्टि से सभी तैयारियां की जा रही हैं. सुरक्षा घेरा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. इस तरह की व्यवस्था की जा रही है कि परिंदा भी पर नहीं मार पाये. सभा स्थल के पास सुरक्षा की दृष्टि से तीन घेरा बनाया जा रहा है. गण्यमान्य लोगों के लिए अलग व्यवस्था की जायेगी. वहीं सामान्य लोगों के लिए अलग व्यवस्था रहेगी.
हेलीपैड निर्माण की जोरों से हो रही है तैयारी
मुख्यमंत्री को दावां गांव में विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए आने पर उनके उड़नखटोला को उतारने के लिए हेलीपैड के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि सुविधाजनक तरीके से उड़नखटोला को उतारा जा सके तथा हैलीपैड से सुविधाजनक तरीके से मुख्यमंत्री को गांव में व सभा स्थल पर ले जाया जा सके. पूरी प्रशासनिक महकमे ने अपनी पूरी ताकत तैयारी में झोंक दी है.
