अब कोहरे में भी 130 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
आरा : कोहरे व धुंध से जंग जीतने के लिए भारतीय रेलवे ने नयी तकनीक ईजाद की है. रेलवे ने इस तकनीक का नाम टीसीए सिस्टम रखा है. इस सिस्टम के लग जाने से ट्रेनों के आमने-सामने की टक्कर व लाल सिग्नल पार करने की समस्या बहुत ही कम हो जायेगी. इस सिस्टम का प्रयोग […]
आरा : कोहरे व धुंध से जंग जीतने के लिए भारतीय रेलवे ने नयी तकनीक ईजाद की है. रेलवे ने इस तकनीक का नाम टीसीए सिस्टम रखा है. इस सिस्टम के लग जाने से ट्रेनों के आमने-सामने की टक्कर व लाल सिग्नल पार करने की समस्या बहुत ही कम हो जायेगी. इस सिस्टम का प्रयोग भारतीय रेलवे के दक्षिण मध्य रेलवे जोन में किया जा चुका है.
सफल परीक्षण पूरा होने के बाद आनेवाले दिनों में इसे पटना-मुगलसराय रेलखंड व सासाराम-आरा रेलखंड पर भी लगाया जायेगा, क्योंकि कोहरे व धुंध की मार सबसे ज्यादा उत्तर व मध्य भारत से होकर आनेवाली ट्रेनों पर पड़ता है. इस सिस्टम के लग जाने से कोहरे व धुंध में भी 110 से 130 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेनें पटरी पर दौड़ सकेंगी. कोहरा व धुंध अब ट्रेनों की राह में मुश्किल पैदा नहीं कर सकते हैं.
सिग्नल व स्टेशन का डाटा रहेगा फीड : रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आॅर्गनाइजेशन की देखरेख में तैयार यह सिस्टम ट्रेनों के इंजनों में लगाये जायेंगे.
सिस्टम में स्टेशन और सिग्नल के सभी लोकेशन का डाटा फीड रहेगा. धुंध और कोहरे में ड्राइवर को सिग्नल की सूचना व बोगियों की गतिविधियों की सटीक जानकारी मिलती रहेगी. ऐसे में ड्राइवर आराम से ट्रेन को पूरी रफ्तार में चला सकता है. जीपीएस पर आधारित यह सिस्टम किसी भी हाल में लाल सिग्नल को पार नहीं करने देगा.
लाल सिग्नल मिलते ही ड्राइवर को सतर्क कर देगा.
आनेवाले दिनों में पटना-मुगलसराय सहित अन्य रेलखंडों पर लगाया जायेगा टीसीए सिस्टम
जीपीएस आधारित सिस्टम से ट्रेनों के आमने-सामने की रुकेगी टक्कर
कोहरे व धुंध में रेलवे द्वारा किये जा रहे उपाय
सभी इंजनों में फाग सेफ डिवाइस लगाये जा रहे हैं
दूर से सिग्नल दिखाई देने के लिए एलईडी बल्ब का प्रयोग
इंजनों में लगाये जा रहे विजिलेंस कंट्रोल डिवाइस
बढ़ा दी गयी है रेल लाइनों की पेट्रोलिंग
सिग्नलों पर की जा रही चूने की मार्किंग
वरीय रेल अधिकारी कर रहे फुटप्लेटिंग