विधायक को रोकने का एक दिन पहले ही पुलिस व प्रशासन ने तैयार किया था खाका
भारी संख्या में डीएम कार्यालय के समीप फोर्स की थी तैनाती
आरा : बड़हरा विधायक द्वारा डीएम कार्यालय में तालाबंदी व घेराव की घोषणा करने के बाद ही भोजपुर जिला प्रशासन सतर्क हो गया था. कलेक्ट्रेट जानेवाले हर रास्ते को सील कर दिया गया था. पुलिस अधिकारियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मोर्चा संभाल लिया था. डीएम कार्यालय में तालाबंदी करने के पहले ही विधायक को रोकने के लिए एक दिन पहले ही योजना तैयार कर ली गयी थी. इसको लेकर पहले से ही रणनीति तैयार की गयी थी. सोमवार को जैसे ही विधायक जेपी स्मारक मंच से अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे.
एसडीओ कार्यालय के समीप पहले से तैनात पुलिस ने विधायक व उनके समर्थकों को रोक दिया. सदर एसडीओ, सदर एसडीपीओ तथा मजिस्ट्रेट विकास कुमार ने पहले बातचीत शुरू की. जब विधायक ने अपने इरादे को मजबूत करते हुए तालाबंदी करने की बात कही, तो प्रशासन ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
भारी संख्या में डीएम कार्यालय के समीप फोर्स की थी तैनाती : 30 अक्तूबर से ही चल रहे धरना एवं तालाबंदी के कार्यक्रम को देखते हुए सोमवार को डीएम कार्यालय में तालाबंदी करने पहुंचे विधायक को रोकने के लिए जिला प्रशासन पहले से ही भारी संख्या में फोर्स की तैनाती कर दी थी. चारों तरफ से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को लगा दिया गया था,
ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो और आक्रोशित लोग उग्र होकर आंदोलन न करें. स्वयं डीएम और एसपी पूरे मामले की मॉनीटरिंग कर रहे थे. कलेक्ट्रेट व उसके आसपास धारा 144 लागू कर दिया गया था. पर्याप्त पुलिस बल होने के कारण विधायक के समर्थक पर पुलिस बल की संख्या भारी पड़ गयी और प्रशासन प्रदर्शनकारियों पर हावी हो गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
छावनी में तब्दील रहा कलेक्ट्रेट परिसर : डीएम कार्यालय में तालाबंदी को लेकर पूरा कलेक्ट्रेट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था. मजिस्ट्रेट की तैनाती भी कर दी गयी थी. सदर एसडीओ अरुण प्रकाश, सदर एसडीपीओ संजय कुमार, नगर थानाध्यक्ष जेपी सिंह, नवादा थानाध्यक्ष नेयाज अहमद, मुफस्सिल थानाध्यक्ष सहित कई थानों की पुलिस के साथ महिला पुलिस को भी तैनात कर दिया गया था.
प्रदर्शनकारियों में विधायक के साथ महिला भी थी शामिल : डीएम कार्यालय का घेराव व तालाबंदी करने गये बड़हरा विधायक सरोज यादव के साथ कई महिलाएं भी शामिल थीं. इसको लेकर पुलिस ने महिला पुलिस बल की तैनाती भी कर दी थी. 50 से ऊपर की संख्या में महिला पुलिस तैनात थी.
पहले एसडीओ से हुई बातचीत, नहीं माने विधायक तो हुई गिरफ्तारी : बड़हरा विधायक जैसे ही कलेक्ट्रेट के समीप अपने समर्थकों के साथ पहुंचे वैसे ही पहले से तैनात एसडीओ ने उन्हें रोक कर बातचीत शुरू कर दी. हालांकि बातचीत के क्रम में एसडीओ ने विधायक को एक सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी के माध्यम से टीम गठित कर जांच करवाने का आश्वासन दिया.
बावजूद विधायक सरोज यादव अपने इरादे से नहीं बदले और निर्धारित कार्यक्रम के तहत वह आगे बढ़ने की कोशिश की तभी मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो तेज होगा आंदोलन
विधायक ने कहा कि अगर भोजपुर जिला प्रशासन एक सप्ताह के भीतर टीम गठित कर 14 सूत्री मांगों पर जांच नहीं कराया है, तो यह आंदोलन और भी तेज होगा. उन्होंने कहा कि 30 नवंबर से ही कार्यक्रम चल रहा है. इस दौरान बड़हरा, कोइलवर तथा सदर प्रखंड में धरना- प्रदर्शन किया गया, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गयी.
बाध्य होकर डीएम कार्यालय में तालाबंदी व घेराव करने का एलान किया गया, लेकिन जिला प्रशासन ने जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की. जबरन मुझे और मेरे समर्थकों को जिलाधिकारी से मिलने नहीं दिया गया और मुझे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया. इस गिरफ्तारी और जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से मैं डरने वाला नहीं हूं. विधायक के साथ जिला पार्षद धनंजय यादव, उपेंद्र यादव, राजू यादव, रामसकल भोजपुरिया, सुरेश विश्वकर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे.
