कुल्हड़िया डालडा फैक्टरी में तालाबंदी कर किया धरना-प्रदर्शन
कोइलवर : कुल्हड़िया स्टेशन के समीप सुमन एग्रीटेक डालडा फैक्टरी में मजदूरों को वेतन व बोनस नहीं मिला तो उनका आक्रोश फूट पड़ा. मांग मनवाने के लिए फैक्टरी के मुख्य गेट पर सुबह छह बजे से शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया.
उपस्थित मजदूरों ने प्रदर्शन करते हुए फैक्टरी में तालाबंदी कर दिया, जिससे ड्यूटी के लिए आये फैक्टरी के डायरेक्टर, यूनिट हेड समेत एक दर्जन कर्मी बाहर ही बैठे रहे. फैक्टरी में तालाबंदी से कंपनी के मैनेजमेंट की बेचैनी बढ़ गयी. वार्ता हुई लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला.
मजदूरों ने कहा, जब तक मांग नहीं पूरी होती फैक्टरी में रहेगी तालाबंदी : फैक्टरी के मुख्य द्वार पर धरना- प्रदर्शन कर रहे दर्जनों मजदूरों ने कहा फैक्टरी पांच वर्षों से उनका शोषण कर रही है. समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है.
उन्होंने मांग की कि महीने में 26 दिन काम व चार दिन की छुट्टी उन्हें भी मिले. पीएफ व एसआई का लाभ मिले. फैक्टरी में कार्यरत मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी में दुर्घटना होने के बाद भी प्रबंधन द्वारा इलाज नहीं कराया जाता है. किसी प्रकार की मांग करने पर झूठे मुकदमे में फंसा मजदूरी से भी निकाल दिया जाता है. साथ ही बताया कि झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए प्रबंधन पुलिस से लेकर प्रशासन को पैसे से लेकर उपहार भी देती है. मजदूरों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने की स्थिति में दीपावली व छठ का पर्व कैसे मनाया जायेगा.
सुरक्षा मानकों का नहीं रखा जाता ख्याल : मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी में सुरक्षा व मेडिकल के लिए कोई सुविधाए नहीं उपलब्ध है. पैकिंग, लोडिंग अनलोडिंग से लेकर ऊंचाई पर काम करनेवाले मजदूरों को सेफ्टी बेल्ट, जूता, गलब्श, हेलमेट एवं किसी प्रकार के उपकरण उपलब्ध नहीं कराया जाता हैं, जिस कारण मजदूरों के साथ अक्सर ही दुर्घटनाएं होती रहती हैं. इसे ले प्रबंधन लीपापोती कर मामले को पुलिस के पास जाने के बाद भी मैनेज कर लेती है.
क्या कहते हैं निदेशक
मजदूरी को लेकर मजदूरों ने मंगलवार को फैक्टरी के गेट पर तालाबंदी कर दी, जिससे उत्पादन ठप हो गया. कार्यरत मजदूरों के वेतन के लिए 13 अक्तूबर को लिस्ट बनाकर बैंक को भेज दिया गया है. लिंक फेल होने के कारण मजदूरों के खाते पर पैसा नहीं जा सका. आजकल में सभी के खातों में पैसे चले जायेंगे.
अशोक त्रिवेदी, निदेशक, सुमन एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, सकड्डी
