आरा : न्याय को घर-घर पहुंचाएं. इसके लिए विधिक सेवा को मजबूत करना आवश्यक है. पारा लीगल स्वयंसेवक इसके लिए लगातार परिश्रम करें. उक्त बातें जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार झा ने पारा लीगल स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण को लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय शिविर का उद्घाटन करते हुए कहीं.
उन्होंने कहा कि न्याय सबके लिए बराबर है. न्याय की दृष्टि में न कोई छोटा है और न कोई बड़ा है. समाज के शोषित व वंचित वर्ग के लोगों की समस्याओं का अध्ययन कर उनको अधिकार दिलाने में सहयोग करने का दायित्व पारा लीगल स्वयंसेवकों का है. यह काफी जवाबदेही पूर्ण काम है. इससे न्याय जीवित रखने में मदद मिलेगा. समाज में कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें कई कारणों से न्याय नहीं मिल पाता है. विधिक सेवा प्राधिकार इसके लिए कार्य कर रहा है. इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सकलदेव राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया. उपस्थित लोगों में राकेश मिश्र, मुक्तेश्वर तिवारी, मिथिलेश पांडेय सहित कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे.
