फाग सेफ डिवाइस से बिना रुकावट के चलेंगी ट्रेनें
आरा : अब घने कुहरे में भी ट्रेनें अपनी पूरी रफ्तार से चलेगी. ठंड व कोहरा शुरू होने से पहले ही पटना-मुगलसराय रेलखंड से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में फाग सेफ डिवाइस लगाया जायेगा. यह सिस्टम ट्रेनों के इंजन में लगाया जायेगा. कंप्यूटर अाधारित इस डिवाइस की खासियत ये है कि सिग्नल आने के 500 […]
आरा : अब घने कुहरे में भी ट्रेनें अपनी पूरी रफ्तार से चलेगी. ठंड व कोहरा शुरू होने से पहले ही पटना-मुगलसराय रेलखंड से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में फाग सेफ डिवाइस लगाया जायेगा. यह सिस्टम ट्रेनों के इंजन में लगाया जायेगा. कंप्यूटर अाधारित इस डिवाइस की खासियत ये है कि सिग्नल आने के 500 मीटर पहले ही यह ट्रेन के ड्राइवर को सतर्क कर देगा कि आगे सिग्नल है.
इसके बाद ड्राइवर कोहरे में भी सिग्नल को देखकर अपने हिसाब से ट्रेन की गति को रख सकता है. कुहरे की वजह से ठंड के दिनों में ट्रेनों की औसतन रफ्तार 15 से 30 किलोमीटर पर आकर ठहर जाती है. राजधानी जैसी ट्रेनें भी 24 से 30 घंटे तक चलने लगती है. ऐसे में इस डिवाइस के लग जाने से ट्रेनों का संचालन बेहतर तरीके से हो जायेगा.
पुराने ढर्रे पर आज भी चलती हैं ट्रेनें : ठंड के मौसम में कोहरे के चलते अक्सर गाड़ियां विलंब से चलती हैं. इसका प्रमुख कारण चालक को सिग्नल का न दिखना. इसके लिए रेल प्रशासन पटाखे आदि का प्रयोग करता है, लेकिन वह कारगर साबित नहीं होता. होम सिग्नल के पास पटरी पर लगाया गया पटाखा अक्सर फूटता ही नहीं है. ऐसे में चालक को सिग्नल का पता नहीं चल पाता. रेलवे लाइन पर आगे कुछ भी नहीं दिखने से चालक डरे और सहमे रहते हैं. वे ट्रेन को नियंत्रित करके ही चलाते हैं. यही नहीं हमेशा दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है. लाख प्रयास के बाद भी अब तक कोहरे में गाड़ियों की निर्बाध गति से संचालित करने का समाधान नहीं निकल सका. भारतीय रेलवे आज भी पुराने ढर्रे पर चलती है.
क्या है फाग सेफ डिवाइस : फाग सेफ डिवाइस एक अति आधुनिक कंप्यूटराइज्ड यंत्र है. यह गाड़ियों के इंजन में चालक के पास लगाया जाता है. यह यंत्र सीधे रेलवे के सिग्नल से जुड़ा होता है. इसमें सभी सिग्नल के डाटा फिक्स होते हैं.
सिग्नल नजदीक आते ही चालक को उसकी सूचना देने लगेगा, जिससे चालक सतर्क होकर गाड़ी को नियंत्रित कर सकता है. ऐसे में दुर्घटना की आशंका लगभग समाप्त हो जायेगी.
ठंड से पहले ट्रेनों के इंजन में लगाया जायेगा फाग सेफ डिवाइस
सिग्नल आने के पांच मीटर पहले ही ड्राइवर को मिल जायेगी जानकारी
क्या कहते हैं अधिकारी
ठंड के दिनों में ट्रेनों के बेहतर संचालन के लिए फाग सेफ डिवाइस लगाया जाता है. यह अत्याधुनिक डिवाइस है. ट्रेनों के इंजन में इसे लगाया जाता है.
संजय प्रसाद, जनसंपर्क अधिकारी, दानापुर रेलमंडल