आरा/पीरो : पीरो में हुए दो गुटों में हिंसक झड़प के मामले में सोमवार को सड़कों पर वीरानगी छायी रही. साथ ही बाजार की सारी दुकानें बंद रहीं. इस मामले में पुलिस ने 181 लोगों को नामजद किया है तथा 500 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 80 से ऊपर लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस सूत्रों के अनुसार पकड़े गये लोगों में दोनों गुट के लोग शामिल हैं. हालांकि सोमवार को स्थिति सामान्य रही.
सड़कों पर छायी रही वीरानगी दूसरे दिन . 181 हुए नामजद, 500 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज
आरा/पीरो : पीरो में हुए दो गुटों में हिंसक झड़प के मामले में सोमवार को सड़कों पर वीरानगी छायी रही. साथ ही बाजार की सारी दुकानें बंद रहीं. इस मामले में पुलिस ने 181 लोगों को नामजद किया है तथा 500 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग […]

पीरो बाजार सोमवार को भी पुलिस छावनी में तब्दील रही. जिले के आलापदाधिकारी पीरो पर विशेष नजर बनाये हुए है और पल- पल की जानकारी ले रहे है. बता दें कि रविवार की शाम पीरो- सासाराम रोड में पिटन देवी मंदिर के समीप ताजिया जुलूस को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प हुई. विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों के लोगों ने एक- दूसरे पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसमें दर्जन भर लोग जख्मी हो गये थे. साथ ही भीड़ से चली गोली के शिकार पीरो के भाजपा नेता मदन स्नेही हो गये,
जिनका इलाज आरा स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में चल रहा है. हालांकि प्रशासन का दावा है कि स्थिति सामान्य है लेकिन सोमवार को भी लोगों में तनाव व्याप्त है. पुलिस के पर्याप्त संख्या होने के कारण लोग घरों में दुबके हुए है.
प्रशासनिक चूक के कारण हादसा होने का लग रहा है आरोप : पीरो की घटना का कारण प्रशासनिक चुक होना बताया जाता है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार शांति समिति की बैठक में यह तय किया गया था कि दोनों गुट के लोग दुर्गापूजा विसर्जन तथा ताजिया के दौरान हरवे- हथियार का प्रयोग नहीं करेंगे. इसको लेकर प्रशासन ने शांति समिति का बैठक कर दोनों गुटों से हस्ताक्षरयुक्त रहित आवेदन भी तैयार किया था. साथ ही दोनों गुटों के लोगों को शांति व्यवस्था बनाने की अपील भी प्रशासन ने की थी. बावजूद इसके लोगों का कहना है
कि एक गुट के लोग किसी भी हरवे- हथियार का प्रयोग नहीं किये थे. वहीं दूसरे गुट के लोग हरवे- हथियार जैसे तलवार, हॉकी स्टीक जैसे शस्त्र का प्रयोग किया गया और प्रशासन मूकदर्शक बनकर देखती रही, जिसका नतीजा यह हुआ कि दोनों गुट आपस में भिड़ गये. स्थानीय सूत्रों के अनुसार जानकारी मिली कि ताजिया जुलूस का रूट निर्धारण प्रशासन द्वारा तय किया गया था, उसके बावजूद जुलूस सासाराम रोड में ले जाया गया, जिसके बाद हिंसक झड़प हुई. पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है.
बीते वर्ष भी हुई घटना से भी सीख नहीं ली पुलिस : बीते वर्ष हुई घटना के बाद भी प्रशासन सीख नहीं ले पायी, जिसका प्रतिफल यह हुआ कि पीरो में दो गुटों में हिंसक झड़प हो गयी. हालांकि प्रशासन अपनी कमी को छुपाने के लिए शांति समिति के सदस्य को भी आरोपित कर चुकी है. अब तक गिरफ्तार हुए 82 लोगों में कई शांति समिति के सदस्य भी शामिल हैं. हालांकि पुलिस के इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है.
उपद्रवियों की सारी गतिविधि सीसीटीवी फुटेज में है कैद : जिस समय पीरो में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो रही थी. यह सारी गतिविधि पिटन देवी मंदिर स्थित सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गयी है. पुलिसिया अनुसंधान में यह सारी बातें स्पष्ट हो जायेगी कि किस गुट के लोगों द्वारा आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की गयी है. हालांकि पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. हिंसक झड़प के दौरान पीरो में लगे कई सीसीटीवी फुटेज को उपद्रवियों ने तोड़ भी दिया है.
सब्जी व जरूरी सामान भी नहीं मिल पाये : शहर की अधिकांश दुकानों के बंद रहने की स्थिति में आम लोगों को चाय पान व सब्जी सहित अन्य जरूरी सामान उपलब्ध नहीं हो सके. रोज की तरह बाहर से सब्जी व अन्य सामान की आमद नहीं होने के कारण इन सब चीजों की किल्लत बनी रही.
सड़कों पर आवागमन रहा प्रभावित : वैसे तो यहां पूरे शहर में निषेधाज्ञा रहने से लोग घरों से कम ही बाहर निकल पाये साथ ही सड़कों पर आम दिनों की तरह बड़े यात्री वाहनों का परिचालन भी कुप्रभावित हुआ. आसपास के गांवों से आनेवाले आॅटो सहित अन्य छोटे वाहनों का परिचालन भी काफी कम हुआ. शहर में रिक्शा आदि भी नहीं दिखायी दी. वैसे आरा- सासाराम रेल खंड पर रेलगाड़ियों का परिचालन सामान्य रूप से जारी रहा.
क्या कहते हैं एसपी
इस मामले में अब तक 82 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है. आपसी सौहार्द बिगाड़ने वाले दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. हालांकि एसपी ने कहा कि पीरो की स्थिति सामान्य है. मंगलवार से संभवत: जन जीवन सामान्य हो जायेगा.
एसपी अवकाश कुमार, एसपी
रात भर चली छापेमारी छह दर्जन गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा चिह्नित लोगों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है. इस दौरान जहां रविवार की पूरी रात छापेमारी की गयी, वहीं सोमवार को भी पुलिस दिन भर अपने अभियान में लगी रही. इस दौरान भाजपा व राजद के कुछ नेताओं सहित करीब छह दर्जन लोगों को गिरफ्तार किए जाने की सूचना है. वैसे पुलिस ने चिह्नित लोगों को ही गिरफ्तार करने का दावा किया है.
बुद्धिजीवियों ने की शांति की अपील
घटना के बाद दोनों पक्षों के बुद्धिजीवी व गण्यमान्य लोगों ने अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाये रखने की अपील की है. पूर्व विधायक सुनील पांडेय, रघुपति गोप, समाजसेवी काशीनाथ सिंह, कांग्रेस नेता मनोज कुमार उपाध्याय, चंदेश्वर सिंह, मदन सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, विजय यादव, विनोद सिंह सहित अन्य राजनेताओं व बुद्धिजीवियों ने कहा कि चंद स्वार्थी तत्व जानबूझकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास करते हैं.
ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है. प्रशासन ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाए.