चरपोखरी. सुबह में अचानक दीवार गिरने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गयी. लोग इधर-उधर भागने लगे. ग्रामीणों ने बताया कि जिस समय यह हादसा हुआ. लोग खेत काम करने के लिए चले गये थे. इसी वजह से दीवार गिरने के बाद गांववाले समय पर मौके पर नहीं पहुंच सके, जिसके कारण मलबे में दबी बच्ची व महिला को समय से नहीं निकाला गया.
अगर समय पर निकाल दिया जाता, तो दोनों की जान बच सकती थी. घटनास्थल पर काफी संख्या में लोग जुट गये और राहत व बचाव कार्य में जुट गये. ग्रामीणों की मशक्कत के बाद किसी तरह से मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया. वहीं इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलने के बाद आसपास के गांव के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गयी. इधर, सड़क जाम होने की वजह से वाहनों की कतार लग गयी. आने-जानेवाले लोगों को रास्ता बदल कर जाना पड़ा. जाम कर रहे लोग प्रशासन से जल्द मुआवजे दिलाने की मांग पर अड़े रहे. लोगों का कहना था कि अगर पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिलेगा काफी मुश्किल होगी.
करनौल से गड़हनी तक मची चीख-पुकार : इस घटना के बाद से करनौल से गड़हनी तक चीख-पुकार मच गयी. पीएचसी गड़हनी में जब इलाज के लिए ले जाया गया, तो काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ पीछे-पीछे गड़हनी तक पहुंच गयी. हर कोई इस घटना से मर्माहत था. लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि अभी हंसते-खेलते हुए दिखनेवाले अमृता व तिलेसरी अब इस दुनिया में नहीं है.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था.
स्कूल जाने की तैयारी कर रही थीं सोनू व अमृता : ग्रामीणों ने बताया कि घटना के समय अमृता व सोनू स्कूल जाने की तैयारी में जुटे हुए थे. सब कुछ ठीकठाक चल रहा था कि अचानक दीवार भरभरा कर गिर गयी, जिसके कारण अमृता की दबने से मौत हो गयी. वहीं सोनू की जान बच गयी. एक साथ दो की मौत से पूरा माहौल गमगीन हो गया. गंभीर रूप से जख्मी सोनू को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल में कराया जा रहा है, जहां पर उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है.
