सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर दहशत फैलाने और रील बनाकर चर्चा बटोरने वालों के खिलाफ भागलपुर पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है. हाथ में पिस्टलनुमा हथियार लेकर डांस करने का वीडियो वायरल होने के मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर को सोशल मीडिया के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित होने की सूचना मिली थी. वीडियो में एक युवक हाथ में स्पष्ट रूप से आग्नेयास्त्र जैसी वस्तु लेकर बेपरवाह अंदाज में डांस करते और उसका सार्वजनिक प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहा था.
सत्यापन के बाद बबरगंज पुलिस ने की पहचान
सोशल मीडिया पर हथियार के खुले प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भागलपुर ने मामले की तत्काल तकनीकी जांच और सत्यापन के आदेश दिए.
पुलिस की जांच व सत्यापन के दौरान वीडियो में दिख रहे युवक की शिनाख्त मुकेश पाल (पिता— स्वर्गीय कैलाश पाल), निवासी महेशपुर अलीगंज, थाना बबरगंज (भागलपुर) के रूप में हुई.
एसएसपी के निर्देश पर बनी टीम, छापेमारी कर दबोचा
युवक की पहचान सुनिश्चित होते ही वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक की सघन निगरानी में एक विशेष टीम गठित की गई. इस छापेमारी दल का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) नगर-02 और बबरगंज थानाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से किया.
विशेष पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चिन्हित ठिकाने पर दबिश दी और आरोपी मुकेश पाल को रंगे हाथ हिरासत में ले लिया. गिरफ्तारी के उपरांत पुलिस ने उसके आवासीय परिसर की विधिवत तलाशी ली तथा वीडियो में प्रदर्शित हथियारनुमा वस्तु के संबंध में आवश्यक साक्ष्य जुटाए.
'रील बनाने के लिए खरीदा था नकली हथियार', युवक का दावा
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान गिरफ्तार युवक मुकेश पाल ने पुलिस के समक्ष दावा किया कि वीडियो में दिखाई दे रही पिस्टलनुमा वस्तु कोई असली हथियार या आग्नेयास्त्र नहीं, बल्कि केवल दिखावे के लिए खरीदा गया नकली खिलौना/लाइटर जैसा उपकरण है.
उसने बताया कि उसने केवल डांस करने और सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने के शौक में इसे खरीदा था. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उसके इस बयान को केवल बचाव का तर्क मानते हुए जांच का विषय बताया है.
न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया, स्रोत खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया साक्ष्यों और कानून के उल्लंघन के आधार पर आरोपी के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेजने की विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
साथ ही, वीडियो में दिख रही वस्तु की वास्तविक फॉरेंसिक प्रकृति, उसके खरीद स्रोत और उसके पूर्व इस्तेमाल से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की गहन छानबीन जारी है. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी अतिरिक्त तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
