सीताराम येचुरी के अधूरे सपनों को करेंगे पूरा

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी की ओर से शनिवार को आदमपुर चौक समीप स्थित बंगीय साहित्य परिषद सभागार में माकपा के राष्ट्रीय महासचिव सह अंतरराष्ट्रीय मजदूर नेता सीताराम येचुरी के निधन पर श्रद्धांजलि सभा हुई. इस दौरान बुद्धिजीवियों ने श्रद्धांजलि देते हुए सीताराम येचुरी के अधूरे सपनों को पूरा करने और शोषणविहीन व्यवस्था को कायम करने का संकल्प लिया.

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी की ओर से शनिवार को आदमपुर चौक समीप स्थित बंगीय साहित्य परिषद सभागार में माकपा के राष्ट्रीय महासचिव सह अंतरराष्ट्रीय मजदूर नेता सीताराम येचुरी के निधन पर श्रद्धांजलि सभा हुई. इस दौरान बुद्धिजीवियों ने श्रद्धांजलि देते हुए सीताराम येचुरी के अधूरे सपनों को पूरा करने और शोषणविहीन व्यवस्था को कायम करने का संकल्प लिया.

श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता सीपीआइएम के जिला मंत्री दशरथ प्रसाद ने की, तो संचालन रघुनंदन प्रसाद ने किया. सभा में पार्टी के पूर्व केंद्रीय कमेटी सदस्य अरुण कुमार मिश्र, दशरथ प्रसाद, वरिष्ठ रंगकर्मी प्रो चंद्रेश, प्रो उदय कुमार मिश्र, भाकपा माले के मुकेश मुक्त, सीपीआइ राज्य कमेटी सदस्य सुधीर शर्मा, सरिता सिन्हा, पेंशनर समाज के प्रदीप कुमार, अवधेश पोद्दार, श्रीनिवास मंडल, उमेश मंडल, विनोद मंडल, अरुण मंडल, डोभी मंडल, मनोहर मंडल, एनके देव, ज्ञानी साह, गणेश दास, बाल्मिकी दास, विनय चौबे, श्रीधर तांती, मो हैदर अली, मिथुन मंडल, कार्तिक मंडल आदि ने शामिल होकर श्रद्धांजलि दी.

शांति के बिना नहीं बचेगी मानवता

पीस सेंटर परिधि की ओर से शनिवार को कला केंद्र भागलपुर में विश्व शांति दिवस के अवसर पर जातीय, नस्लीय व धार्मिक सद्भाव- लोकतंत्र का आधार, विषयक संवाद का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कुलपति डॉ फारूक अली ने की और कहा कि हमें तो आशा है कि बदलाव आने वाला है और शांति की बात करने वाले बढ़ेंगे. क्योंकि शांति के बिना मानवता नहीं बचेगी. डॉ योगेंद्र ने कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद बनी विश्व पंचायत आज कुछ नहीं कर पा रही. आज देश-दुनिया में न्याय और बराबरी का घोर अभाव है. कोई अंकुश नहीं है. ऐसे में शांति कैसे स्थापित होगी. संचालन राहुल ने किया और कहा कि किसी भी राष्ट्र और समाज के विकास के लिए शांति की सबसे प्रमुख आवश्यकता है. अर्जुन शर्मा, उदय, पी हेम्ब्रम, स्मिता कुमारी ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में मृदुला सिंह, गौतम मल्लाह, एकराम हुसैन शाद, दिव्या, मो फारूक, सौरभ कुमार, निलंजना कुमारी, कृषिका गुप्ता, ललन, भरत, उज्जवल घोष आदि उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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