हजरत दाता मंगन शाह रहमतुल्ला अलैह का उर्स चांद के दिखने पर पांच या छह फरवरी से शुरू होगा. यहां सात दिवसीय उर्स में दोनों संप्रदाय के लगभग आठ लाख जायरीन पहुंचते हैं. रविवार को उर्स इंतेजामिया कमेटी व ग्रामीणों की बैठक मजार प्रांगण स्थित सामुदायिक भवन में हुई. सदारत कमेटी के अध्यक्ष मो इरफान आलम व संचालन पैक्स अध्यक्ष रबुल हसन ने किया. उर्स के दो दिन पूर्व शब-ए-बरात के मौके पर तीन अथवा चार फरवरी को मजार परिसर में मिलादुनवी व जलसा होगा. बैठक में उर्स के सुचारू संचालन के साथ साथ सभी प्रकार के विधि-व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. एसडीओ रोहित कर्दम की उपस्थिति में कल बैठक होगी. बैठक में मुखिया सलाहुद्दीन, रियाज अंसारी, अबुल हसन,असद राही, शहाबुद्दीन, जैनुल अंसारी व शोहराव, अनंत शुक्ला, रोहित आनंद शुक्ला, मिथिलेश मिश्रा, अरविंद मिश्रा, अहमद मतवाला, मो सरफराज उर्फ छोटू, मो सोनू, मो गुलशन समेत काफी लोग मौजूद थे.
नवगछिया की सांस्कृतिक धरोहर पर जोर, जिप अध्यक्ष ने तालाब सौंदर्यीकरण की मांग उठायी
सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं विकास की दिशा में नवगछिया प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित एक प्राचीन तालाब के सौंदर्यीकरण एवं समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया गया है. वर्तमान में यह तालाब अत्यंत जीर्ण-शीर्ण एवं जर्जर अवस्था में है, जिसके कारण न तो इसकी ऐतिहासिक पहचान उभर पा रही है और न ही इसका समुचित उपयोग हो पा रहा है. इसी क्रम में भागलपुर जिला परिषद अध्यक्ष विपीन कुमार मंडल ने इस प्रस्ताव को लेकर भागलपुर के उप विकास आयुक्त को पत्र लिखकर तालाब के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं विकास की आवश्यकता से अवगत कराया है. पत्र में उन्होंने तालाब के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए शीघ्र आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी पहल करने का अनुरोध किया है. इसके उपरांत जिला परिषद अध्यक्ष ने प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित उक्त प्राचीन तालाब का स्थल निरीक्षण किया. उन्होंने तालाब की वर्तमान स्थिति का गहन जायजा लिया तथा इसके संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन की दृष्टि से विकास की संभावनाओं पर अधिकारियों एवं स्थानीय लोगों से चर्चा की. प्रस्ताव के अनुसार तालाब का समुचित सौंदर्यीकरण कर इसका मुख्य प्रवेश मार्ग एनएच-31 की ओर खोले जाने की योजना है, जिससे इसकी पहुंच आमजन के लिए अधिक सुगम हो सके. साथ ही तालाब का नामकरण “बिहुला तालाब” किए जाने का सुझाव भी दिया गया है, जो नवगछिया की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
