रंगरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की एक बड़ी और सुनियोजित साजिश को अंजाम दिए जाने से ऐन पहले ही विफल कर दिया है. पुलिस ने घेराबंदी कर दो कुख्यात अपराधियों को भारी मात्रा में अवैध आग्नेयास्त्रों और जिंदा कारतूसों के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रंगरा थाना क्षेत्र के मुरली गांव निवासी हीरालाल कुमार उर्फ राजा कुमार तथा गोपालपुर थाना क्षेत्र के करारी तीनटंगा निवासी सोनू कुमार यादव के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार दोनों अपराधी वर्षों पुराने भूमि विवाद के प्रतिशोध में छोटू कुमार नामक युवक की हत्या करने की अंतिम योजना बना रहे थे.
गुप्त सूचना पर बनी विशेष टीम, मुरली गांव में छापेमारी
नवगछिया पुलिस अधीक्षक (एसपी) वैभव शर्मा के सख्त निर्देश पर अवैध हथियारों और वांछित अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कामयाबी मिली.
एसडीपीओ सईम राजा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम में रंगरा थानाध्यक्ष विश्वबंधु कुमार और डीआईयू (DIU) के तेजतर्रार पदाधिकारी शामिल थे. टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि मुरली गांव निवासी हीरालाल कुमार ने किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए अपने घर में हथियारों का जखीरा छिपा रखा है.
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हीरालाल के घर पर छापा मारा. पुलिस को देखते ही उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे दबोच लिया. उसकी निशानदेही पर कमरे से 1 पिस्टल, 2 देशी कट्टा और 14 जिंदा कारतूस बरामद किए गए.
पूछताछ में खुला राज, मुरली चौक से दूसरा साथी भी दबोचा गया
कड़ाई से की गई पूछताछ में हीरालाल ने स्वीकार किया कि वह अपने सहयोगी सोनू कुमार यादव के साथ मिलकर छोटू कुमार की हत्या की फिराक में था.
इस खुलासे के तत्काल बाद पुलिस टीम ने क्षेत्र में सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया. इसी क्रम में मुरली चौक के समीप संदिग्ध अवस्था में आ रहे सोनू कुमार यादव को पुलिस ने रोककर तलाशी ली. उसके पास से 1 देशी कट्टा और 4 जिंदा कारतूस बरामद हुए. इस तरह दोनों के पास से कुल 3 देशी कट्टा, 1 पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस जब्त किए गए.
जेल में बनी थी हत्या की पटकथा, 2018 से जल रही थी रंजिश की आग
पुलिस के अनुसार इस कथित साजिश की जड़ें वर्षों पुराने खूनी जमीन विवाद से जुड़ी हैं. हीरालाल के पिता देवेंद्र सिंह और तारणी यादव के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था.
वर्ष 2018 में तारणी यादव की हत्या के मामले में देवेंद्र सिंह नामजद हुए और वर्ष 2022 में अदालत ने उन्हें सजा सुनाई. इसके बाद मृतक तारणी यादव के पुत्र छोटू कुमार द्वारा कथित रूप से लगातार धमकियां दिए जाने से क्षुब्ध होकर हीरालाल ने 2021 में उस पर जानलेवा हमला कर दिया था.
इसी मामले में जेल में रहने के दौरान हीरालाल का संपर्क कुख्यात सोनू कुमार यादव से हुआ. वर्ष 2024 में जेल से रिहा होने के बाद विवाद ने फिर तूल पकड़ा और दोनों ने मिलकर छोटू कुमार को ठिकाने लगाने की साजिश रची थी, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया. मामले में रंगरा थाने में कांड संख्या 241/26 दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है.
सोनू पर 11 और हीरालाल पर पूर्व से दर्ज हैं 2 संगीन मामले
गिरफ्तार दोनों अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है:
- सोनू कुमार यादव: इसके खिलाफ इस्माईलपुर और गोपालपुर थानों में हत्या, हत्या के षड्यंत्र (302/120B), जानलेवा हमले (307), लूट (392) और आर्म्स एक्ट के तहत कुल 11 संगीन मामले दर्ज हैं.
- हीरालाल कुमार उर्फ राजा कुमार: इसके खिलाफ पूर्व में रंगरा और गोपालपुर थाने में आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले की धाराओं में 2 मामले दर्ज हैं.
तीन माह में 40 अवैध हथियार और 138 कारतूस बरामद
नवगछिया पुलिस जिले में अपराध और अवैध हथियारों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए लगातार विशेष अभियान चला रही है.
पुलिस के अनुसार पिछले तीन महीनों के भीतर चलाए गए विशेष ऑपरेशनों में अब तक कुल 40 अवैध आग्नेयास्त्र और 138 जिंदा कारतूस जब्त किए जा चुके हैं, जबकि 37 कुख्यात अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध मुक्त समाज के लिए यह अभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा.
