TMBU के पेंशनरों का आक्रोश, प्रभारी कुलपति ने सालभर में नहीं दिया मिलने का समय; कक्ष के सामने धरने की चेतावनी

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के पेंशनर अपनी लंबित पेंशन राशि और विश्वविद्यालय प्रशासन की अनदेखी से नाराज हैं. पेंशनरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे प्रभारी कुलपति के कक्ष के सामने अनिश्चितकालीन धरना देंगे.

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के पेंशनरों का धैर्य अब जवाब देने लगा है. लंबित पेंशन राशि और विश्वविद्यालय प्रशासन की लगातार हो रही अनदेखी के विरोध में टीएमबीयू पेंशनर संघर्ष मंच ने रविवार को एक अहम ऑनलाइन बैठक की. लगभग तीन दर्जन पेंशनरों की भागीदारी वाली इस बैठक में सदस्यों ने एक स्वर में राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रबंधन पर पेंशनरों के साथ लगातार तीन वित्तीय वर्षों से भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया. पेंशनरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रभारी कुलपति के कक्ष के सामने अनिश्चितकालीन धरना देने को विवश होंगे.

प्रभारी कुलपति के रवैये से पेंशनरों में भारी निराशा

ऑनलाइन बैठक में शामिल पेंशनरों ने सबसे अधिक नाराजगी प्रभारी कुलपति के असंवेदनशील रवैये पर जाहिर की. सदस्यों ने बताया कि प्रभारी कुलपति को अपना पदभार ग्रहण किए हुए लगभग एक वर्ष का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन उन्होंने आज तक पेंशनरों के प्रतिनिधिमंडल को अपनी समस्याएं साझा करने के लिए मिलने का समय नहीं दिया है.

मंच के सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि वे एक अंतिम बार प्रभारी कुलपति से मिलने का आधिकारिक समय मांगेंगे. यदि इस बार भी उन्हें समय नहीं दिया गया या उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो पेंशनर अपनी वृद्धावस्था की परवाह किए बिना प्रभारी कुलपति के कक्ष के ठीक सामने उग्र धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.

उपयोगिता प्रमाण पत्र के नाम पर अटका भुगतान

बैठक में पेंशनरों ने बताया कि उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) जमा न होने का हवाला देकर राज्य सरकार ने दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक की पेंशन राशि को रोक दिया था. यही स्थिति वर्ष 2024 में भी उत्पन्न हुई थी.

हालांकि, बाद में शिक्षा विभाग के कड़े निर्देश के बाद विश्वविद्यालय ने किसी तरह अपने आंतरिक स्रोत से दो माह का पेंशन भुगतान कर स्थिति को संभाला था. लेकिन यह अस्थायी व्यवस्था पेंशनरों की दीर्घकालिक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं बन पाई है, जिसके कारण उनमें भारी आक्रोश और अस्थिरता बनी हुई है.

फरवरी और अगस्त का अनुदान अटका, घेराव की तैयारी

टीएमबीयू पेंशनर संघर्ष मंच के संयोजक डॉ. पवन कुमार सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पहले फरवरी माह का पेंशन बेवजह अटका दिया गया. हालांकि, मार्च से लेकर मई तक का भुगतान अन्य विश्वविद्यालयों की तरह कर दिया गया था.

डॉ. सिंह ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने हाल ही में 14 अगस्त को सूबे के सभी विश्वविद्यालयों को वेतन और पेंशन मद में जून से लेकर अगस्त तक की भारी-भरकम राशि विमुक्त की है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें टीएमबीयू के पेंशनरों को अगस्त माह का अनुदान जारी नहीं किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार दो माह के पेंशन भुगतान के अटकने से वृद्ध और बीमार पेंशनरों को इलाज व दैनिक जीवनयापन में भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. मंच ने चेतावनी दी है कि यदि अगस्त की लंबित राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो पेंशनर एकजुट होकर विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों का घेराव करेंगे.


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लेखक के बारे में

By आरफीन जुबैर

आरफीन जुबैर प्रिंट माध्यम में पिछले 16 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा और खेल में रुचि रखते हैं.

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