भागलपुर के तिनटंगा करारी में घुसा बाढ़ का पानी: सड़कों पर शरण लेने को विवश ग्रामीण, पूर्व सांसद ने उठाई राहत की मांग

भागलपुर जिले के तिनटंगा करारी में गंगा नदी ने भयंकर तबाही मचाई है. बाढ़ का पानी घरों में घुसने से हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं और सड़कों पर शरण लेने को मजबूर हैं. प्रशासन की राहत व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है.

भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत गंगा नदी के उफान ने तिनटंगा करारी पंचायत में भयावह स्थिति उत्पन्न कर दी है. गंगा के तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण पूरा तिनटंगा करारी गांव जलमग्न हो चुका है.

अधिकांश ग्रामीणों के घरों में चार से पांच फीट तक बाढ़ का पानी घुस जाने से लोग बेघर हो गए हैं. पीड़ित परिवार बाल-बच्चों और जरूरी सामानों के साथ सड़कों के किनारे और ऊंचे बांधों पर खुले आसमान के नीचे शरण लेने को विवश हैं.

सत्तू-चूड़ा खाकर कट रहे दिन, सीओ का वादा भी निकला हवा-हवाई

तिनटंगा करारी के बाढ़ पीड़ितों का दर्द छलक पड़ा है. प्रभावित ग्रामीण झमिया देवी, सुशीला देवी और पारो दास ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से उनके घरों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है. वे जैसे-तैसे सूखे ऊंचे स्थानों पर सत्तू-चूड़ा खाकर गुजारा कर रहे हैं.

पीड़ितों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि दो-तीन दिन पहले अंचलाधिकारी (सीओ) ने क्षेत्र का मुआयना किया था और तत्काल सभी को प्लास्टिक शीट व पॉलीथिन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक किसी भी परिवार को पॉलीथिन शीट नहीं मिल सकी है, जिससे बारिश और धूप में खुले आसमान तले रहना दूभर हो गया है.

स्कूलों में घुसा पानी, भोजन केंद्रों तक पहुंचना बना जोखिम

पूर्व सरपंच शंभू यादव ने बताया कि बीते पांच-छह वर्षों के बाद इलाके में इतनी भीषण बाढ़ आई है, जिससे समूचा गांव जलमग्न हो चुका है.

यद्यपि मंगलवार शाम से प्रशासन की ओर से सामुदायिक रसोई के जरिए भोजन की व्यवस्था शुरू की गई है, परंतु जिन विद्यालयों में राहत केंद्र बनाए गए हैं, उनके चारों ओर गहरा पानी भरा हुआ है. इसके चलते भोजन लेने आने-जाने के लिए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर गहरे पानी से गुजरना पड़ रहा है.

आधा दर्जन गांव टापू बने: तिरासी, डुमरिया और कालूचक में गंभीर संकट

तिनटंगा करारी निवासी एवं पूर्व सांसद व वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल यादव ने जमीनी हालात पर गहरी चिंता जताते हुए प्रशासन से युद्धस्तर पर व्यापक राहत अभियान चलाने की मांग की है.

उन्होंने बताया कि तिनटंगा करारी के साथ-साथ तिरासी, डुमरिया, कालूचक, पकरी टोला और बोचाही दियारा गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो चुके हैं. हजारों की आबादी का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट चुका है.

बिजली कटौती और नल-जल ठप, सीएम से मिलकर रखेंगे पीड़ा: अनिल यादव

अनिल यादव ने जिला प्रशासन से सभी प्रभावित परिवारों को तुरंत निःशुल्क प्लास्टिक शीट, पका हुआ पौष्टिक भोजन और नवजात शिशुओं के लिए दूध की मुकम्मल व्यवस्था कराने की मांग की. उन्होंने क्षेत्र में बिजली की लगातार आंख-मिचौनी पर नाराजगी जताते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा.

उन्होंने यह भी उजागर किया कि बाढ़ के कारण हर घर नल का जल योजना पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे शुद्ध पेयजल के अभाव में लोग दूषित और गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे महामारियों का खतरा बढ़ रहा है. पूर्व सांसद ने कहा कि वे इस गंभीर मानवीय संकट को लेकर उप मुख्यमंत्री/वरिष्ठ नेतृत्व से मिलकर पीड़ितों की मांगों को मजबूती से रखेंगे और त्वरित सहायता सुनिश्चित कराएंगे.

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By Vipin Thakur

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