bhagalpur news. दारोगा के खिलाफ आरोप लगाने वाला ट्रैक्टर मालिक गया गांव से बाहर

कजरैली थाना के दारोगा चनवीर यादव के खिलाफ अवैध बालू लदे गाड़ी चलाने के बदले पांच हजार रुपए प्रतिमाह लेने का आरोप लगाने वाला ट्रैक्टर मालिक प्रमोद गांव से गायब है

कजरैली थाना के दारोगा चनवीर यादव के खिलाफ अवैध बालू लदे गाड़ी चलाने के बदले पांच हजार रुपए प्रतिमाह लेने का आरोप लगाने वाला ट्रैक्टर मालिक प्रमोद गांव से गायब है. बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर मालिक व उसके परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा है. जिस वजह से वह दूसरे राज्य चला गया है. कहा जा रहा है कि उसे जानबूझकर बाहर भेजा गया है, ताकि जांच में वरीय अधिकारियों के सामने आने से बच सके. उधर, चर्चा यह भी है कि गाड़ी मालिक के परिजनों से दारोगा के पक्ष में चिट्ठी व वीडियो रिकार्डिंग बयान जारी कराया गया है, जिसमें यह कहा गया है कि गाड़ी छुड़ाने का प्रलोभन देकर प्रमोद को दारोगा के खिलाफ बोलने के लिए कहा गया था. हालांकि, इस बात में कितनी सच्चाई है ये, तो पीड़ित व पुलिस ही बता सकते हैं. जब पत्रकारों ने प्रमोद से पूछा कि क्या वो किसी के प्रलोभन, दबाव या झांसे में आकर दारोगा के खिलाफ बोले थे, तो उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया और कहा कि उन्हें किसी ने ऐसा करने नहीं कहा था. उन्होंने खुद से मीडिया को बयान दिया है. उन्होंने यह भी कबूला कि वो परिजनों के काफी दबाव में है, इसलिए घर से बाहर निकल गये हैं. वहीं अगर यह कहानी बनायी जा रही है कि प्रलोभन देकर दारोगा के खिलाफ ऐसा बुलवाया गया, तो जांच इसकी भी होनी चाहिए कि किस पुलिस पदाधिकारी को और कब प्रलोभन देनेवाले किसी व्यक्ति ने गाड़ी छोड़ने को कहा था. बाइपास के पूर्व थानाध्यक्ष ने भी बनाई थी ऐसी ही कहानी, एसएसपी ने की थी कार्रवाई पीड़ित को दबाव में लाकर अपने पक्ष में बयान जारी कराने का मामला कोई नया नहीं है. इससे पहले बाइपास टीओपी के पूर्व थानाध्यक्ष सूरज कुमार पर ट्रक मालिक ने आरोप लगाया था कि थानेदार ने दो ट्रक को पकड़ा और अपने दलालों के अकाउंट में पैसा लेने के बाद छोड़ा था. जब शिकायत वरीय अधिकारियों तक पहुंची, तो थानाध्यक्ष ने खुद बचने के लिए उक्त छोड़े हुए गाड़ी को फिर से पकड़कर थाने ले आए और केस व माइनिंग फाइन करा दिया. जब इस मामले की जांच जांच हुई और थानाध्यक्ष फंसने लगे तो गाड़ी मालिक को लगने वाले फाइन की राशि स्वयं भरने की बात कहकर अपने पक्ष में चिट्ठी व वीडियो बयान एसएसपी को भेजवाया. जिसमें कहा गया कि उन्हें थानाध्यक्ष से अब कोई शिकायत नहीं है, इसलिए थानाध्यक्ष को बक्स दिया जाए. गाडी मालिक जांच में भी सामने आने से भागने लगा. तत्कालीन एसएसपी आनंद कुमार ने पूरे माजरे को समझ गये और थानाध्यक्ष सूरज कुमार को निलंबित करते प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

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Published by: Atul kumar

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