भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट :
भागलपुर के बरारी घाट से महादेवपुर जा रही एक नाव सोमवार सुबह करीब 10.15 बजे बीच गंगा में खराब हो गई. नाव के बीच नदी में रुकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला. इस घटना ने एक बार फिर गंगा में चलने वाली नावों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बीच धारा में फंसी नाव से बढ़ी यात्रियों की बेचैनी
जानकारी के अनुसार, नाव रोजाना की तरह बरारी गंगा घाट से महादेवपुर के लिए रवाना हुई थी. नाव पर करीब 45 यात्री मौजूद थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. इसके अलावा सात मोटरसाइकिल भी नाव पर लदी हुई थीं.यात्रा के दौरान अचानक नाव का इंजन बीच धारा में बंद हो गया. नाव रुकते ही यात्रियों में डर का माहौल बन गया. नदी की तेज धारा और बीच पानी में फंसी नाव ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी.
SDRF टीम हुई सक्रिय, टला बड़ा हादसा
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तुरंत सक्रिय हुई. भागलपुर की ओर से दो नाव और नवगछिया की तरफ से एक अतिरिक्त नाव राहत कार्य के लिए भेजी गई.रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले महिलाओं और बच्चों को दूसरी नावों के जरिए सुरक्षित महादेवपुर पहुंचाया. इसके बाद बाकी यात्रियों को भी सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया. राहत कार्य के दौरान नदी किनारे मौजूद लोगों की निगाहें लगातार बचाव अभियान पर टिकी रहीं.
बड़ी नाव के सहारे किनारे पहुंची नाव
सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद खराब नाव को हटाने के लिए बड़ी नाव मंगाई गई. इसके बाद खराब नाव को रस्सी से बांधकर धीरे-धीरे महादेवपुर की ओर रवाना किया गया.घटना में किसी भी यात्री के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है. हालांकि इस घटना के बाद गंगा नदी में संचालित यात्री नावों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है.
