भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट
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पूर्वी बिहार के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र भागलपुर में मलमास शुरू होते ही बाजार की रफ्तार धीमी पड़ गई है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे शुभ कार्य बंद हो जाते हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर दिखने लगा है. कारोबारियों का कहना है कि पहले विक्रमशिला पुल की क्षति से व्यापार प्रभावित हुआ और अब मलमास व भीषण गर्मी ने बाजार की स्थिति और खराब कर दी है.मलमास आते ही बाजार में छाया सन्नाटा
भागलपुर के कपड़ा, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल बाजारों में इन दिनों खरीदारों की संख्या तेजी से घटी है. कारोबारियों के अनुसार लग्न का सीजन खत्म होते ही बाजार में 60 से 70 फीसदी तक कारोबार मंदा पड़ गया है.थोक कपड़ा कारोबारी और चेंबर के पूर्व अध्यक्ष श्रवण बाजोरिया ने बताया कि विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने से पहले ही कारोबार प्रभावित था. अब मलमास लगने से प्रतिदिन 15 करोड़ रुपये से अधिक के कपड़ा कारोबार पर असर पड़ रहा है.
सर्राफा बाजार पर पड़ी तिहरी मार
भागलपुर के सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि इस बार उन्हें तिहरी मार झेलनी पड़ रही है. पहले विक्रमशिला पुल की समस्या, फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोना-चांदी की खरीदारी को लेकर की गई अपील और अब मलमास के कारण लग्न सीजन बंद होने से कारोबार लगभग ठप हो गया है.बड़े सर्राफा कारोबारी विशाल आनंद ने बताया कि बाजार में अब एक-एक ग्राहक का इंतजार करना पड़ रहा है. उनके अनुसार पूरे भागलपुर में सर्राफा कारोबार पर प्रतिदिन 15 करोड़ रुपये से अधिक का असर पड़ रहा है.टेंट, कैटरिंग और इवेंट सेक्टर भी प्रभावित
मलमास का असर केवल कपड़ा और आभूषण बाजार तक सीमित नहीं है. शादी-विवाह बंद होने से टेंट, कैटरिंग और इवेंट मैनेजमेंट सेक्टर में भी भारी मंदी आ गई है.कैटरिंग कारोबारी सरदार हर्षप्रीत सिंह ने बताया कि इस दौरान करीब 70 फीसदी कारोबार प्रभावित होगा. भागलपुर में 200 से अधिक कैटरर्स हैं, जिनका सीजन में प्रतिदिन लगभग दो करोड़ रुपये का कारोबार होता है.टेंट व कैटरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयनंदन आचार्या ने बताया कि टेंट और इवेंट मैनेजमेंट सेक्टर में भी प्रतिदिन करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार होता था, लेकिन अब 60 फीसदी से अधिक काम बंद हो गया है.
