भागलपुर में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को समय पर रक्त (ब्लड) न मिलने और पैक्ड रेड ब्लड सेल (PRBC) की किल्लत से जुड़ी खबर 'प्रभात खबर' में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है. बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति (BSACS) ने मामले का संज्ञान लेते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है. समिति ने जिले में थैलेसीमिया मरीजों की सुविधा के लिए ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट (BCSU) की स्थापना जल्द से जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया है.
जेएलएनएमसीएच से 50 थैलेसीमिया मरीजों को नियमित पीआरबीसी
बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक सुमित कुमार ने बताया कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता पर रखा जा रहा है:
- रक्त वितरण व्यवस्था: जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच/मायागंज अस्पताल) स्थित ब्लड बैंक से करीब 50 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को नियमित रूप से पीआरबीसी (PRBC) उपलब्ध कराया जा रहा है.
- परस्पर समन्वय: मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिले के सभी रक्त केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय बनाया गया है, ताकि किसी भी जरूरतमंद मरीज को खून की कमी का सामना न करना पड़े.
जिले के 4 में से 2 ब्लड बैंकों में बीसीएसयू की सुविधा
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने जिले में ब्लड कंपोनेंट्स की उपलब्धता का ब्योरा साझा करते हुए कहा:
- मौजूदा स्थिति: भागलपुर के 4 मान्यता प्राप्त ब्लड बैंकों में से वर्तमान में 2 केंद्रों पर ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट (BCSU) कार्यरत है.
- चिकित्सकीय आवश्यकता: थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए डॉक्टरों की सलाह और आवश्यकता के अनुसार पीआरबीसी या होल ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है.
राज्य के सभी पात्र ब्लड बैंकों में जल्द शुरू होगी BCSU यूनिट
स्वास्थ्य विभाग और बीएसएसीएस ने राज्यभर के सभी पात्र रक्त केंद्रों में बीसीएसयू (BCSU) की स्थापना प्रक्रिया तेज करने का निर्देश जारी किया है:
- स्थानीय स्तर पर राहत: नई इकाइयां शुरू होने से आने वाले समय में भागलपुर सहित आसपास के जिलों में पीआरबीसी, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर और सुलभ हो जाएगी.
- हेल्पलाइन व सहायता: यदि किसी थैलेसीमिया मरीज या परिजन को ब्लड मिलने में कठिनाई होती है, तो वे जिला रक्त केंद्र, मेडिकल कॉलेज या राज्य स्तरीय समन्वय टीम से संपर्क कर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
