नवगछिया अनुमंडल स्थित महादेवपुर गंगा घाट पर शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे में लापता 13 वर्षीय किशोर का शव शनिवार को आखिरकार बरामद कर लिया गया. घटना के बाद से ही गंगा किनारे परिजनों की चीत्कार और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी हुई थी.
स्थानीय गोताखोरों और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने घंटों चले सघन तलाशी अभियान के बाद गहरे पानी से शव को बाहर निकाला. जैसे ही किशोर का शव पानी से बाहर आया, घाट पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
अंतिम संस्कार में गया था, स्नान करते वक्त हुआ हादसा
हादसे का शिकार हुए किशोर की पहचान रंगरा चौक थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव निवासी मनोज यादव के 13 वर्षीय पुत्र अभिषेक कुमार के रूप में हुई है:
- शवयात्रा में शामिल होने गया था: परिजनों के अनुसार, अभिषेक शुक्रवार को गांव के ही एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अन्य ग्रामीणों के साथ महादेवपुर घाट आया हुआ था.
- गहरे पानी में फिसला पैर: अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान वह दो अन्य साथियों के साथ गंगा नदी में स्नान करने लगा. इसी बीच तेज बहाव और गहराई का अंदाजा न मिलने के कारण तीनों बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे.
- दो बच्चों की बची जान: घाट पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में छलांग लगाई और दो बच्चों को सुरक्षित बाहर खींच लिया, लेकिन अभिषेक गहरे पानी में ओझल हो गया.
SDRF और स्थानीय गोताखोरों ने चलाया सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बदहवास होकर घाट पर पहुंचे:
- शुक्रवार देर शाम तक स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश की गई, लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिली.
- शनिवार सुबह SDRF की टीम को बुलाया गया. बोट और महाजाल के सहारे कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद अभिषेक का शव नदी से बरामद किया गया.
परबत्ता पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम, गांव में मातम
शव मिलने की सूचना तत्काल स्थानीय परबत्ता थाना की पुलिस को दी गई:
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई: परबत्ता थाना की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा तैयार किया.
- परिजनों को सौंपा शव: इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया भेजा गया. पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है.
- मातम में डूबा भवानीपुर: इकलौते बेटे की असमय मौत से पिता मनोज यादव और मां का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे भवानीपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है.
