TMBU Protest : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के ओल्ड पीजी कैंपस में विश्वविद्यालय के सभी पीजी विभागों और अंगीभूत कॉलेजों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई. बैठक में बिहार सरकार द्वारा कॉलेजों की स्वायत्तता समाप्त करने की प्रस्तावित प्रक्रिया पर गहरी चिंता व्यक्त की गई. शिक्षकों ने इसे उच्च शिक्षा की स्वायत्त व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कदम बताते हुए सर्वसम्मति से विरोध दर्ज कराया. बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार से सभी शिक्षक अपने-अपने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे, ताकि सरकार तक उनका विरोध शांतिपूर्ण तरीके से पहुंच सके.
आंदोलन की रणनीति के लिए बनी विशेष समिति
बैठक में आगे की रणनीति तैयार करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया. इसमें प्रो. मनोज कुमार, प्रो. मुश्फिक आलम, डॉ. अमलेंदु कुमार अंजन, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. हुमा, डॉ. अमिताभ चक्रवर्ती और डॉ. प्रत्याशा त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ शिक्षक शामिल किए गए हैं. इसके अलावा शिक्षक संघ की सभी इकाइयों के अध्यक्ष और सचिव भी समिति के सदस्य होंगे. यह समिति जल्द ही आंदोलन के अगले चरण की रूपरेखा तय करेगी.
27 जुलाई का महाधरना बनेगा आंदोलन का निर्णायक चरण
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय अतिथि शिक्षक संघ ने 27 जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन परिसर में महाधरना आयोजित करने की घोषणा की है. संघ के अध्यक्ष डॉ. आनंद आजाद ने कहा कि बिहार सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) 2018 के प्रावधानों की अनदेखी की गई है. साथ ही बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को समाप्त कर नया बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 लागू करने की तैयारी विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रतिकूल असर डाल सकती है.
शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने दिया आंदोलन को समर्थन
महाधरना को विश्वविद्यालय के विभिन्न शिक्षक और कर्मचारी संगठनों का समर्थन भी मिल गया है. बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी संघ की टीएमबीयू प्रक्षेत्रीय इकाई ने रजिस्ट्रार को पत्र देकर आंदोलन में शामिल होने की जानकारी दी है. वहीं टीएमबीयू शिक्षकेतर कर्मचारी संघ ने भी तृतीय एवं चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी का एलान किया है. ऐसे में 27 जुलाई को पूर्वाह्न 11:30 बजे प्रशासनिक भवन परिसर में होने वाला महाधरना विश्वविद्यालय के आंदोलन का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. अब सभी की नजरें इस आंदोलन और सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं.
