— छात्र राजद के विवि अध्यक्ष लालू यादव व शोधार्थी ने पीजी भूगाेल विभाग में सोशल साइंस डीन का किया घेरावतिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में 41 शोधार्थी का सिनोप्सिस फंस गया है. कारण बताया जा रहा कि प्रभारी कुलपति व सोशल साइंस डीन के बीच सिनोप्सिस को लेकर डिस्कस नहीं हुआ है. ऐसे में उन शोधार्थियों का पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है. इस बाबत सोमवार को छात्र राजद के विवि अध्यक्ष लालू यादव, कार्यकर्ता व शोधार्थी पीजी भूगोल विभाग पहुंचे. किसी काम के सिलसिले में डीन प्रो सीपी सिंह वहां मौजूद थे. छात्र नेता सहित शोधार्थियों ने डीन का घेराव किया. सिनोप्सिस पास नहीं होने पर डीन के साथ बकझक किया. छात्र नेता ने डीन पर गंभीर आरोप भी लगाया. हालांकि विवाद बढ़ता देख भूगोल विभाग के शिक्षक व पूर्व हेड ने मामला को शांत कराया.
प्रभात नॉलेज
विवि में पीजीआरसी की पूर्व में हुई बैठक में विभिन्न विषयों के 41 सिनोप्सिस में गड़बड़ी रहने के कारण लौटा दिया था. उसमें सुधार के लिए संबंधित विषय के पीजी हेड को सिनोप्सिस वापस किया गया था. फिर हेड ने संबंधित शोधार्थी से सिनोप्सिस सुधार कर वापस मांगा. शोधार्थी ने सिनोप्सिस सुधार कर हेड को दिया. हेड ने संबंधित डीन को दिया. मामले में संबंधित फाइल पर कुलपति ने डिस्कस लिखा दिया. विवि के रिसर्च शाखा में उन 41 शोधार्थी का लिस्ट बनकर तैयार है. लेकिन डीन व प्रभारी कुलपति मामले में अबतक डिस्कस नहीं की है.
शोधार्थी का आरोप विवि प्रशासन भविष्य से कर रहा खिलवाड़
नाम नहीं छापने की शर्त पर शोधार्थियों ने बताया कि सिनोप्सिस सुधार कर देने से एक माह से ज्यादा समय बीत गया है. लेकिन सोशल साइंस के डीन द्वारा प्रभारी कुलपति के साथ डिस्कस नहीं कर रहे हैं. शोधार्थियों का आरोप था कि विवि प्रशासन उनलोगों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है. उनका कहना था कि वर्ष 2021 व 2022 के पैट परीक्षा से उत्तीर्ण हुए. अबतक उनलोगों का रजिस्ट्रेशन हो जाना था.छात्र नेता का आरोप, डीन शोधार्थियों को दौड़ाते हैं
छात्र राजद के विवि अध्यक्ष लालू यादव ने आरोप लगाया कि सोशल साइंस डीन सिनोप्सिस पास कराने के नाम पर दौड़ाते हैं. अपने नजदीकी लोगों का काम करते हैं. छात्र नेता ने डीन पर गंभीर आरोप भी लगाया है. डीन से कहा गया कि 41 शोधार्थी के फाइल का अविलंब निष्पादन किया जाये. मांग पूरा नहीं होने पर डीन के खिलाफ आंदोलन किया जायेगा.
बोले डीन –
सोशल साइंस के डीन प्रो सीपी सिंह ने कहा कि छात्र नेता व शोधार्थी ने उनके साथ गलत व्यवहार किया. उन्हें धमकी दी गयी. उन्होंने कहा कि उनके स्तर से काम को पूरा कर लिया गया है. विवि प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया की जायेगी.—
