आदर्श उच्च विद्यालय तुलसीपुर, यमुनिया में पोषक क्षेत्र के बच्चों के नामांकन को लेकर विवाद गहरा गया है. आरोप है कि गांव के बच्चों का नवमीं कक्षा में एडमिशन नहीं लिया जा रहा है. स्कूल प्रशासन का कहना है कि विद्यालय का चयन मॉडल स्कूल के रूप में हो चुका है, इसलिए यहां केवल जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा भेजी गई करीब 75 छात्रों की सूची के आधार पर ही नामांकन किया जायेगा. इस मुद्दे को लेकर युवा समाजसेवी सज्जन भारद्वाज के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राएं भागलपुर पहुंचे और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने डीडीसी से मुलाकात कर बच्चों के नामांकन के लिए आवेदन सौंपा. इस अवसर पर अभाविप के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद और सज्जन भारद्वाज ने कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य स्तर पर हुए चयन की जानकारी क्या पोषक क्षेत्र के बच्चों को पहले दी गयी थी और क्या इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार हुआ था. कहा कि ऐसा कोई लिखित आदेश स्कूल के पास उपलब्ध नहीं है, जिसमें पोषक क्षेत्र के बच्चों के नामांकन पर रोक की बात कही गयी हो जबकि, इस विद्यालय में हर साल करीब 300 छात्र नवमीं कक्षा में पढ़ाई करते हैं. डीडीसी ने मामले में सकारात्मक आश्वासन दिया है. इस दौरान साक्षी कुमारी, दीपा कुमारी, अमित कुमार, दिवाकर कुमार सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
bhagalpur news. मॉडल स्कूल के नाम पर गांव के बच्चों का नामांकन रोका, सैकड़ों छात्र प्रशासन के दरवाजे पर पहुंचे
आदर्श उच्च विद्यालय तुलसीपुर, यमुनिया में पोषक क्षेत्र के बच्चों के नामांकन को लेकर विवाद गहरा गया है
