विक्रमशिला के विकास के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने का सुझाव

विक्रमशिला विश्वविद्यालय यानी विक्रमशिला बौद्ध महाविहार के जीर्णोद्धार को लेकर रविवार को कहलगांव और भागलपुर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनितिक व गैर-राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवी ने बैठक की

आठवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में पालवंश के राजा धर्मपाल द्वारा स्थापित प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय यानी विक्रमशिला बौद्ध महाविहार के जीर्णोद्धार को लेकर रविवार को कहलगांव और भागलपुर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनितिक व गैर-राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने एकजुट होकर उपेक्षित विक्रमशिला विश्वविद्यालय का विकास और जीर्णोद्धार नालंदा विश्वविद्यालय की तर्ज पर कराने को लेकर बैठक की. बैठक में उपस्थित सदस्यों ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय के उत्थान के लिए एक सुर में आवाज बुलंद करते हुए अपने विचारों को रखा. अध्यक्षता कर रहे विक्रमशिला मीडिया ग्रुप के शिव शंकर सिंह पारिजात, पवन कुमार चौधरी ने कहा कि जिस तरह से नालंदा विश्वविद्यालय का विकास हुआ है ठीक उसी तरह से विक्रमशिला विश्वविद्यालय का भी गौरव लौटना चाहिए. इसके लिये आम लोगों में भी बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता की जरूरत है. लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए जिले के विभिन्न मुख्य चौक-चौराहों और प्रमुख स्थलों पर विक्रमशिला विश्वविद्यालय का होर्डिंग्स और बैनर लगवाने की आवश्यकता है. बैठक में इतिहासकार शिवशंकर सिंह पारिजात ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का विकास भी इसी विक्रमशिला विश्वविद्यालय से जुड़ा है, जिसका उल्लेख प्राचीन इतिहास सहित अन्य कई पुस्तकों में इंगित है. भागलपुर के शिक्षाविद डॉ अजय कुमार मिश्रा, विक्रमशिला नागरिक समिति के डॉ एनके जायसवाल, पवन कुमार भारती, प्रवीण कुमार राणा, सुनील पासवान, योगेन्द्र सहनी, नितिन कुमार, श्यामसुंदर यादव, मनोज झा, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, डॉ पंकज गुप्ता, राजकिशोर मंडल, ब्रजेश कुमार, ओम कुमार सिंह, मो जिशान, सोमनाथ दत्ता, मनीष, दीपक सहित अन्य कई संगठनों के सदस्य व शहर के गणमान्य लोगों ने विक्रमशिला के विकास के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने का सुझाव रखा तथा रविवार को आगामी बैठक को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया.

मरम्मत को लेकर तीन दिन विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी

132 केवी ट्रांसमिशन लाइन के मरम्मत कार्य के लिए कहलगांव में सोमवार 24 से 26 जून बुधवार तक सुबह नौ बजे से संघ्या पांच बजे तक कहलगांव भदेर पावर सब स्टेशन से संबंधित फीडरों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी. बिजली विभाग के एसडीओ दीपक चौधरी ने बताया कि उक्त अवधि में पीरपैंती पावर सबस्टेशन के 33 केवीए से कहलगांव पावर सब स्टेशन से जुड़े फीडरों को रोटेशन पर विद्युत आपूर्ति का प्रयास किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >