पीरपैंती सुंदरपुर कृषि मैदान में श्री श्री 1008 महारुद्र यज्ञ सह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस बुधवार को पीठाधीश्वर स्वामी आगमानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा अमृत तुल्य, मानव तन अमूल्य है. भगवान की महिमा अपरंपार है. ईश्वर की महिमा कोई जान, समझ नहीं सकता है. बालक प्रहलाद की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि बालक प्रहलाद असुर राज हिरण कश्यप का पुत्र और भगवान विष्णु का परम भक्त था. हिरणकश्यप चाहते थे कि मेरा पुत्र भगवान विष्णु का भक्ति न करें, मेरा गुणगान करें. पिता ने प्रहलाद को भगवान भक्ति से रोकने के लिए बहुत कोशिश की. प्रहलाद के अटूट भक्ति से भगवान विष्णु नरसिंह का अवतार लेकर हिरन कश्यप का वध किया. भक्त प्रहलाद की रक्षा की. स्वामी जी ने ईश्वर प्राप्ति का साधन तपस्या के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण के श्रवण की महिमा का आख्यान संगीत मय प्रस्तुति के साथ किया. यज्ञाचार्य पंडित अनिरुद्ध शास्त्री के नेतृत्व में वैदिक विद्वानों के हवन पूजन में मुख्य यजमान राज आनंद, सिंपी कुमारी, अनिल कुमार साह, रेखा देवी, पप्पू मंडल, श्वेता देवी सहित अन्य यजमान हवन पूजन में लगे रहे.
Bhagalpur news श्रीमद्भागवत कथा अमृत तुल्य, मानव तन अमूल्य : आगमानंद
पीठाधीश्वर स्वामी आगमानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा अमृत तुल्य, मानव तन अमूल्य है.
