कम समय में तरक्की को लेकर युवाओं में बढ़ा डाक बम का क्रेज, सुल्तानगंज में उमड़ती है भीड़…

Shravani Mela: युवा जल्दी से तरक्की ढूढंते है, इसके लिए बाबा दरबार कम समय में डाकबम बन पहुंचने का क्रेज युवाओं में बढ़ गया है. विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तीसरी सोमवारी पर बाबा वैद्यनाथ पर जलार्पण को लेकर सुलतानगंज में डाकबम का महासैलाब उमड़ पड़ा.

Shravani Mela: युवा जल्दी से तरक्की ढूढंते है, इसके लिए बाबा दरबार कम समय में डाकबम बन पहुंचने का क्रेज युवाओं में बढ़ गया है. विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तीसरी सोमवारी पर बाबा वैद्यनाथ पर जलार्पण को लेकर सुलतानगंज में डाकबम का महासैलाब उमड़ पड़ा. महादेव को रिझाने के लिए युवा डाकबम बन रहे हैं.

कम समय में जल चढ़ाना यानि 16 से18 घंटे में 98 किमी पैदल चल कर बाबाधाम पहुंचने वाले डाक कांवरिया कष्ट व तप कर बाबा से सालों भर की सुख शांति की कामना करते हैं. कांवरिया पथ पर डाक बम रूकते नहीं है. यदि वो रूके तो उनकी यात्रा पूरी नहीं मानी जायेगी. एक जगह खड़ा होने के बाद भी उनका पैर चलते रहता है. बांका के रामबहादुर कहते है किसी चीज की कमी नही है बाबा ने सबकुछ दिया.

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कम समय में सालों की तरक्की देते हैं बाबा बैद्यनाथ

डाक कांवरिया रोज यूं तो जाते रहते है, किंतु सोमवारी को जलार्पण की खास विशेषता डाक कांवरियों की होती है. कई यूथ ने बताया कि 16 से 24 घंटे के दौरान बाबा पर जलार्पण कर सालों भर सुख, शांति व समृद्धि की कामना हो जाती है. यानी कम समय में सालों की तरक्की, बाबा वैद्यनाथ दे देते है.

कई डाक बम ने बताया कि बाबा के यहां जाने के बाद नौकरी मिली, पत्नी मिली. डाक जल चढ़ाने के बाद बाबा ने कोई कमी नहीं किया है. कई युवती डाकबंम का प्रमाण पत्र लेने के बाद बताया कि कष्ट, साध्य, साधना के बाद सालों भर सुख, शांति और तरक्की मिलती है. देवघर के बाबा पर डाकजल चढ़ाने से सबकुछ मिल जाता है.

स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा लगाया गया है व्यवस्था शिविर

हर ओर डाक कांवरिया की भीड़ दिखती है. सोमवारी के दिन से ठीक पहले भी रविवार को दूर दूर से पहुंचे डाक कांवरिया सुबह से ही प्रमाण पत्र को लेकर काउंटर पर जमा होने लगते हैं. काउंटर पर लंबी कतार देखी जाती है. प्रमाणपत्र काउंटर पर भीड़ के कारण रहा काफी दवाब रहता है. जगह-जगह डाकबम की सेवा के लिए निजी स्वयंसेवी संस्था तथा कई लोगों ने व्यवस्था व सुविधा को लेकर शिविर लगाया है.

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By Shubhankar jha

शुभंकर,करियर की शुरुआत दिल्ली के एक पाक्षिक पत्रिका से किया. राष्ट्रीय सहारा के बाद वर्ष 2005 में प्रभात खबर से जुड़ कर लगातार 21 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. अभी प्रभात खबर सुलतानगंज भागलपुर क्षेत्र में काम कर रहे हैं.हर पल बदलते सामाजिक घटनाक्रम पर पैनी नजर रखते हुए नए कंटेंट के साथ खबरों के लिए प्रभात खबर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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