bhagalpur news. राष्ट्रीय एकता के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी : सैयद शाहनवाज

एमबीयू की मेजबानी में मारवाड़ी कॉलेज में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस राष्ट्रीय एकता शिविर मंगलवार को संपन्न हो गया

एमबीयू की मेजबानी में मारवाड़ी कॉलेज में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस राष्ट्रीय एकता शिविर मंगलवार को संपन्न हो गया. मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने राष्ट्रीय एकता के वास्तविक अर्थ से स्वयंसेवक व सेविकाओं को परिचित कराया. कहा कि राष्ट्रीय एकता के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है. एकता एक आत्मीय मूल्य है. इसके बगैर बंधुत्व की भावना विकसित नहीं हो सकती. बैगर बंधुत्व की भावना के भारत को विकसित राष्ट्र में नहीं बदल सकते. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनएसएस युवाओं में सामाजिक सरोकार के साथ राष्ट्र भावना को भी जागृत करता है. एनएसएस स्वयंसेवक व सेविकाओं पर जिम्मेदारी है कि समाज के लिए अच्छे नागरिक बनकर राष्ट्रहित के लिए काम करे. कार्यक्रम के अंत स्मारिका का विमोचन किया गया. वहीं, टीएमबीयू के पूर्व कुलपति प्रो एके राय ने कहा कि यह आयोजन भूतो ना भविष्यति जैसा आयोजन है. क्योंकि टीएमबीयू के इतिहास में इतने बड़े स्केल पर इस तरह का आयोजन नहीं हुआ है. इससे पहले सुबह में योग सत्र, ध्वजारोहण, ग्रुप फोटोग्राफ्स, एड्स अवेयरनेस व नशा मुक्ति के लिए स्वयंसेवक व सेविकाओं ने सांस्कृतिक वेशभूषा में नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी. कैंप निदेशक विनय कुमार ने सात दिन कैंप में हुए कार्यक्रम का ब्योरा प्रस्तुत किया. वहीं, विवि के एनएसएस समन्वयक डॉ राहुल कुमार ने राष्ट्रीय एकता शिविर को सफल बनाने के लिए मारवाड़ी, टीएनबी व बीएन कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी व स्वयंसेवक-सेवािकाओं को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि मारवाड़ी कॉलेज ने राष्ट्रीय एकता शिविर के संदर्भ में जो प्रबंधन क्षमता और कुशलता का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है. उससे कॉलेज राष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहा. मौके पर प्राचार्य प्रो संजय कुमार झा, डीएसडब्ल्यू प्रो अर्चना साह, प्रॉक्टर प्रो एसडी झा, खेल सचिव डॉ संजय कुमार जायसवाल मौजूद थे. विभिन्न प्रतियोगिता में शामिल हुए स्वयंसेवक अंतिम दिन विभिन्न दिनों में हुई प्रतियोगिताओं के परिणाम की घोषणा की गयी. इसमें रील मेकिंग, एक्सटेंपोर कंपटीशन, फोटोग्राफी कंपटीशन, रंगोली कंपटीशन, पोस्टर मेकिंग कंपटीशन आदि शामिल है. सफल प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया. स्वयंसेवकों ने कहा, भागलपुर आकर अच्छा लगा गोरखपुर की स्नेहा कुमारी, एमपी की खुशी कुमार ने कहा कि भागलपुर पहली बार आयी हूं. यहां आकर बहुत अच्छा लगा. अंग की धरती पर स्वागत करने का तरीका अद्भुत है. शिविर में रहने, आने-जाने व भोजन की बेहतर व्यवस्था की गयी थी. इसके लिए कॉलेज के शिक्षक व कार्यक्रम पदाधिकारी का भी सहयोग मिला. वहीं, असम की दल नायक गीतिका ने कहा कि सात दिन कैसे शिविर में बीत गया, पता ही नहीं चला.

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By Atul kumar

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