पेरोल सॉफ्टवेयर से होगा वेतन भुगतान

शिक्षा विभाग से पेरोल सॉफ्टवेयर से टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विवि के कर्मियों को वेतन का भुगतान करेगा.

शिक्षा विभाग से पेरोल सॉफ्टवेयर से टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विवि के कर्मियों को वेतन का भुगतान करेगा. इसे लेकर विभाग में काम तेजी से किया जा रहा है. उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशक डॉ रेखा कुमारी ने टीएमबीयू सहित अन्य विवि के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया कि जुलाई से टीएमबीयू सहित राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को पेरोल सॉफ्टवेयर से वेतनादि का भुगतान किया जायेगा. विभाग के पोर्टल पर विवि व कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मचारियों का डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है. इसकी तैयारी को लेकर सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों ने टीएमबीयू सहित राज्य भर के विवि के रजिस्ट्रार के साथ ऑनलाइन मीटिंग कर अबतक की गयी तैयारी की समीक्षा की. विवि के अधिकारी ने कहा कि नयी व्यवस्था के तहत विवि व कॉलेजों के कर्मियों का वेतन शिक्षा विभाग तैयार करेगा. लेकिन विवि से चेकर-मेकर द्वारा जांच कराया जायेगा. इसके बाद ही विवि से फाइनल रूप से वेतन जारी कर दिया जायेगा. ———— कर्मियों के डाटा में मिल रही गड़बड़ी – टीएमबीयू से शिक्षा विभाग के पोर्टल पर कर्मियों द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा डाटा गड़बड़ी मिल रही है. विवि सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मियों ने वेतन कोषांग पटना से वेतन सत्यापित होने का जिक्र डाटा में किया है. लेकिन कोषांग से वेतन सत्यापन को लेकर मिली संख्या का उल्लेख नहीं किया है. ऐसे में आधा-अधूरा जानकारी होने पर पोर्टल पर डाटा अपलोड करने में परेशानी आ रही है. दूसरी तरफ विवि, पीजी विभागों, संबंधित इकाई व कॉलेजों से 700 से अधिक कर्मियों का पोर्टल पर डाटा अपलोड होना है. इसमें करीब 400 ही कर्मियों का डाटा अपलोड किया गया है. शेष का अपलोड करने की प्रक्रिया की जा रही है. ————————— जुलाई से शिक्षा विभाग से पेरोल सॉफ्टवेयर के माध्यम से भुगतान किया जायेगा. इसकी तैयारी को लेकर समीक्षा में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पोर्टल पर कर्मियों का जल्द डाटा अपलोड करने का निर्देश दिया है. इसे लेकर विवि के संबंधित कर्मियों से कहा गया कि बचे काम को जल्द पूरा करे. डाटा अपलोड करने का काम समय से पूरा करे. डॉ विकास चंद्र, रजिस्ट्रार

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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