सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और मान-सम्मान का ध्यान रखा जायेगा. यह केंद्र सरकार की नमस्ते योजना से मुमकिन होगा. इस योजना के तहत इन सफाइकर्मियों की नगर निगम द्वारा प्रोफाइलिंग की जा रही है. दरअसल, इसका मुख्य उद्देश्य जीवन में सुधार लाने के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं से इन्हें जोड़ा जाना है. साथ ही सरकार को शौचालय टंकी सफाइकर्मियों का डाटा भी उपलब्ध हो जायेगा. इस डाटा को श्रम मंत्रालय के नमस्ते एप पर अपलोड कर दिया जायेगा. नगर निगम में सफाइकर्मियों के 29 गैंग हैं, जिनमें कम से कम 80 सफाइकर्मियों का प्रोफाइल किया जाना है. नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सेनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की एक पहल है. नमस्ते योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय और आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 2022 में तैयार की गयी है. यह योजना है कि सैप्टिक टैंक और नाला सफाई का कार्य हाथ की बजाय मशीनों से की जाये. इसकी जिम्मेदारी नगर निगम के सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी शशिभूषण सिंह को मिली हुई है.
सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई करनेवाले कर्मचारियों की सुरक्षा का रखा जायेगा ध्यान

सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई करनेवाले कर्मचारियों की सुरक्षा का रखा जायेगा ध्यान
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सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और मान-सम्मान का ध्यान रखा जायेगा. यह केंद्र सरकार की नमस्ते योजना से मुमकिन होगा.