ट्रेन लुटेरों पर रेलवे की बड़ी नजर, भागलपुर सहित 39 नन-इंटरलॉकिंग गेट पर लगेंगे CCTV कैमरे
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Railway Security Update : रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है. भागलपुर रेल मंडल में ट्रेनों में होने वाली लूटपाट और आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए 39 नन-इंटरलॉकिंग रेलवे गेटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मंजूरी दे दी है.
भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Bhagalpur News : भागलपुर रेल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 39 नन-इंटरलॉकिंग गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मंजूरी दे दी गई है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार इसी माह कैमरा लगाने का कार्य शुरू होगा. प्रत्येक गेट पर तीन कैमरे लगाए जाएंगे, जो चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे. इससे ट्रेनों में होने वाली लूटपाट की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है.
आउटर पर रुकने वाली ट्रेनों में होती थीं वारदातें
भागलपुर. रेलवे अधिकारियों के अनुसार कई बार प्लेटफॉर्म खाली नहीं रहने के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों को आउटर सिग्नल पर रोकना पड़ता है. इस दौरान कुछ असामाजिक तत्व ट्रेन में चढ़कर यात्रियों से लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं. ऐसी घटनाओं को लेकर यात्रियों ने कई बार रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेल पुलिस (जीआरपी) से शिकायत की थी. कई मामलों में अपराधियों को गिरफ्तार भी किया गया और उनके पास से यात्रियों के लूटे गए गहने तथा अन्य सामान बरामद किए गए. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया है.
इसी माह शुरू होगा कैमरा लगाने का काम
रेल मंडल ने 39 नन-इंटरलॉकिंग गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की स्वीकृति दे दी है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार इसी माह से कैमरे लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. जिस एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह चरणबद्ध तरीके से सभी गेटों पर कैमरे स्थापित करेगी. प्रत्येक गेट पर तीन कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे चारों दिशाओं की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके. भागलपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र के एसी गेट सहित डिवीजन के सभी चयनित गेट इस परियोजना में शामिल हैं. कैमरे चालू होने के बाद इसकी सूचना संबंधित रेल अधिकारियों को भी दी जाएगी.
लूटपाट और नियम उल्लंघन पर लगेगी रोक
रेलवे का मानना है कि सीसीटीवी निगरानी शुरू होने के बाद ट्रेनों में होने वाली लूटपाट की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगेगा. यदि कोई अपराधी घटना को अंजाम देने का प्रयास भी करेगा, तो उसकी गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड हो जाएंगी. इसके अलावा लेवल क्रॉसिंग गेट पर रेलवे नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों की पहचान भी आसानी से हो सकेगी. अधिकारियों का कहना है कि कैमरों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों और रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
गेटकर्मियों की कार्यप्रणाली पर भी रहेगी नजर
सीसीटीवी कैमरों का उपयोग केवल अपराध रोकने तक सीमित नहीं रहेगा. रेलवे प्रशासन गेटों पर तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की भी निगरानी करेगा. कैमरों के माध्यम से यह देखा जाएगा कि ड्यूटी पर तैनात कर्मी निर्धारित समय पर मौजूद हैं या नहीं और वे अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन कर रहे हैं या नहीं. रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह पहली बार है जब नन-इंटरलॉकिंग गेटों पर इतनी व्यापक स्तर पर सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की जा रही है. इससे सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही तीनों को मजबूती मिलेगी.