पीरपैंती में प्रस्तावित अडानी पावर लिमिटेड की 2400 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. परियोजना के लिए आवश्यक रेलवे कॉरिडोर-सह-सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी गयी है. इस संबंध में राज्य इकाई आद्री, पटना ने सामाजिक आकलन रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट का मूल्यांकन एक्सपर्ट टीम कर चुकी है. मूल्यांकन के आधार पर समाहर्त्ता-सह-समुचित सरकार, भागलपुर द्वारा आदेश जारी किया गया है. इस कॉरिडोर के निर्माण के लिए पीरपैंती अंचल के विभिन्न मौजों से कुल 160.43 एकड़ भूमि अर्जित की जा रही है.
भू-अर्जन की जद में आने वाले प्रमुख क्षेत्र
बसंतपुर : 65.992 एकड़हरिणकोल : 55.8886 एकड़
खिदरपुर : 17.475 एकड़ईमामनगर : 10.2269 एकड़ककरघट : 7.1906 एकड़चौधरी बसंतपुर : 2.0969 एकड़
महेशराम : 1.56 एकड़151 भूमि स्वामी होंगे प्रभावित
इस अधिग्रहण से कुल 151 रैयत (भूमि स्वामी) प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे. इसका सर्वेक्षण कर लिया गया है. हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इस परियोजना से किसी भी प्रकार का विस्थापन नहीं होगा. यदि भविष्य में विस्थापन की स्थिति बनती है, तो नियमानुसार पुनर्वास सुनिश्चित किया जायेगा.कैसा होगा कॉरिडोर?
प्रस्तावित रेल-सह-सड़क गलियारा (कॉरिडोर) की कुल लंबाई पांच किलोमीटर और चौड़ाई 120 मीटर होगी. यह कॉरिडोर लक्ष्मीपुर होरंग हॉल्ट से शुरू होकर सुंदरपुर गांव में समाप्त होगा. रेलवे का उपयोग मुख्य रूप से कोयले को सीधे पावर स्टेशन तक पहुंचाने के लिए किया जायेगा. सड़क पर पावर स्टेशन के परिचालन के साथ-साथ आम लोगों के आवागमन के लिए भी उपलब्ध रहेगी.
