अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद व विशेष आमंत्रित सदस्य आशुतोष तोमर ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर टीएमबीयू के प्रभारी कुलपति की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया. कहा कि विश्वविद्यालय में प्रभारी कुलपति के नेतृत्व में लगातार विवादित मामले सामने आ रहे हैं. साथ ही कहा कि इसकी शुरुआत प्रभारी कुलपति खोजो अभियान से की जायेगी. लंबे समय से प्रभारी कुलपति का विवि से अनुपस्थित रहना छात्रों के हितों के साथ अन्याय है.
कहा कि बीते दिनों टीएनबी कॉलेज में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कॉपी मूल्यांकन केंद्र पर धांधली की घटना सामने आयी, जो विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है. वहीं, दूसरी तरफ मारवाड़ी कॉलेज जो शहर की प्रतिष्ठित संस्था है, जहां मारवाड़ी समाज के लोगों ने भूमिदान से लेकर छात्राओं के स्किल डेवलपमेंट के लिए नये भवन का निर्माण कराया. वहां कुछ तथाकथित राजनीतिक रूप से प्रेरित शिक्षकों द्वारा समाज को अपमानित करने का प्रयास किया गया.
छात्र नेताओं ने कहा कि किसी भी दानदाता एवं समाज के योगदान का सम्मान होना चाहिए, लेकिन पूरे प्रकरण में प्रभारी कुलपति की चुप्पी कहीं न कहीं मौन समर्थन का संकेत देती है.
उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज ने न केवल मारवाड़ी कॉलेज, बल्कि पूरे शहर के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.