समर्पण का प्रतीक है राधा-कृष्ण का प्रेम : स्वामी आगमानंद

तिलकामांझी स्थित कृषि भवन के आस्था प्रशाल में फक्कड़ बाबा के तत्वावधान में श्रीराधाष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया.

तिलकामांझी स्थित कृषि भवन के आस्था प्रशाल में फक्कड़ बाबा के तत्वावधान में श्रीराधाष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया. श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद महाराज ने अध्यक्षता की. विद्यावाचस्पति कुलगीतकार पंडित आमोद मिश्र ने स्वस्तिवाचन किया. मुरारी मिश्र ने राधा-कृष्ण के जीवन पर आधारित कविता पेश की. कार्यक्रम का संचालन डॉ विजय कुमार मिश्र ने किया. स्वामी आगमानंद ने कहा कि समर्पण का प्रतीक है राधा-कृष्ण का प्रेम. द्वापर युग में इस पावन तिथि पर देवी राधा का जन्म हुआ था. देवी राधा का जन्म दिवस भाद्रमास की शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को है, जबकि भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रमास की कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि हुआ था. एक ही माह के अष्टमी तिथि को कृष्ण और राधा का अवतरण होना कई मायने में खास है. कार्यक्रम के दौरान लोगों को डॉ मथुरानाथ दुबे, गीतकार राजकुमार, पंडित ज्योतिन्द्र प्रसाद चौधरी, डाॅ लक्ष्मीश्वर झा, वेदांति शंभू नाथ शास्त्री, स्वामी शिव प्रेमानंद भाईजी, स्वामी मानवानंद, कुंदन बाबा, मनोरंजन प्रसाद सिंह, पंडित प्रेम शंकर भारती, मृत्युंजय कुंवर, सुबोध, प्रभात कुमार सिंह आदि ने संबोधित किया.

शहर के 12 स्थानों को क्लीननेस टारगेट यूनिट के तहत किया चिन्हित

शहर के 12 स्थानों को क्लीननेस टारगेट यूनिट के तहत चिन्हित किया गया. दो अक्तूबर तक इन स्थानों को सुंदर बनाया जायेगा. नगर निगम के सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी शशिभूषण सिंह ने बताया कि लोगों द्वारा जहां कूड़ा-कचरा फैलाया जा रहा है, उसे सुंदर बनाया जायेगा. इसमें कटहलबाड़ी, चंपानगर, नाथनगर, जीरोमाइल चौक, वेरायटी चौक, जोगसर थाना समीप, ततारपुर चौक, गौशाला, डीएन सिंह रोड, शाह मार्केट, जयप्रकाश पांडेय लेन आदमपुर और आदमपुर चौक को चिन्हित किया गया. इसी कूड़े-कचरे के बहाने अतिक्रमण भी हो रहा है. इन क्षेत्रों को सुंदर बनाने के लिए पौधरोपण भी किया जायेगा. साथ ही कबाड़ से तैयार सजावटी सामान को सजाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. भागलपुर में विकसित होंगी राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, धोनी और ईशान किशन की राह पर निकलेंगे नये सितारे

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

यह भी पढ़ें >