भागलपुर में करोड़ों की योजनाएं अधर में, उद्घाटन के बाद भी अस्पताल और प्रेक्षागृह बंद

भागलपुर में 225 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित तीन योजनाओं का उद्घाटन किया जा चुका है, लेकिन आम लोग अभी भी यहां की सुविधाओं से वंचित हैं.

भागलपुर शहर में करीब 225 करोड़ की लागत से तैयार तीन योजनाओं का उद्घाटन हो चुका है, फिर भी आमलोग इसका लाभ उठाने से वंचित हैं. इनमें 200 करोड़ से निर्मित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, 22 करोड़ 87 लाख से बना मॉडल अस्पताल व करीब दो करोड़ की लगात से प्रेक्षागृह के सौंदर्यीकरण के कार्य शामिल हैं.

सुपर स्पेशियलिटी व मॉडल अस्पताल का उद्घाटन 40 दिन पहले छह सितंबर को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने किया था. इससे पहले पांच जून 2023 का प्रेक्षागृह का उद्घाटन तत्कालीन उपमुख्यमंत्री समेत विभिन्न विभाग के मंत्रियों ने किया था. मॉडल अस्पताल व प्रेक्षागृह को अब तक हैंडओवर भी नहीं किया गया है. अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं हो रहा, वहीं प्रेक्षागृह में सांस्कृतिक कर्मियों को कार्यक्रम करने का मौका नहीं मिल रहा. इधर, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सिर्फ चार विभागों की ओपीडी चल रही है. जाहिर है मरीज अस्पताल का पूर्ण लाभ उठाने से वंचित हैं.

हृदय रोगियों के लिए कैथलैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस व एमआरआइ शुरू नहीं

जेएलएनएमसीएच से संबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में तीन सितंबर को कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी व प्लास्टिक सर्जरी के मरीजों के इलाज के लिए ओपीडी शुरू हुई है. तब से 15 अक्तूबर तक 1783 मरीजों का इलाज हो चुका है. हालांकि मरीजों के लिए दवा वितरण, पैथोलॉजी समेत अन्य जांच शुरू नहीं हुई.

अस्पताल प्रबंधक सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में 92 तरह के उपकरण लगने हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की हाइट्स एजेंसी की तरफ से करीब 27-28 मशीनों का इंस्टॉल किया गया है. इधर, मंगलवार को प्रभात खबर पड़ताल में पाया गया कि हृदय रोगियों के लिए कैथलैब, डायलिसिस सेंटर, इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर, सीटी स्कैन व एमआरआइ जांच जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सुविधाएं शुरू नहीं हुई है.

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मॉडल अस्पताल में इलाज ही शुरू नहीं

सदर अस्पताल परिसर में 22 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि से निर्मित 100 बेड के मॉडल अस्पताल का उद्घाटन छह सितंबर को हो गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने उद्घाटन किया था. इसके 40 दिन बाद 16 अक्तूबर तक यहां मरीजों का इलाज शुरू नहीं हुआ है. मरीजों को इलाज के लिए अभी और इंतजार करना होगा.

मामले पर सदर अस्पताल प्रभारी डॉ राजू ने बताया कि निर्माण एजेंसी से अबतक नये अस्पताल परिसर को हैंडओवर नहीं किया है. स्वास्थ्य विभाग से जल्द ही हैंडओवर की प्रक्रिया को लेकर निर्देश मिलेगा. इसको लेकर एक टीम का गठन किया गया है. यह टीम नवनिर्मित मॉडल अस्पताल का निरीक्षण करेगी. टीम के क्लीयरेंस के बाद हैंडओवर हो सकता है. जल्द ही मरीजों का इलाज शुरू होगा.

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उद्घाटन के 15 माह बाद भी प्रेक्षागृह में सांस्कृतिक गतिविधि शुरू नहीं

जिलाधिकारी कार्यालय के निकट अंग सांस्कृतिक भवन के जीर्णोद्धार कर आधुनिक प्रेक्षागृह बनाने में दो करोड़ से अधिक की राशि खर्च हो गयी. वहीं जून 2023 में बिहार सरकार ने इसका उद्घाटन भी कर दिया. बावजूद कांट्रेक्टर व भवन निर्माण विभाग ने भवन को हैंडओवर नहीं किया है. जबकि प्रेक्षागृह की दीवारों का प्लास्टर व रंग उखड़ने लगे हैं. शहर के सजग रंगकर्मियों के अथक प्रयास के कारण गोदाम में तब्दील अंग सांस्कृतिक भवन एक सुसज्जित प्रेक्षागृह का रूप ले सका है, लेकिन, युवा व कला संस्कृति विभाग द्वारा हैंडओवर की औपचारिकता पूरी नहीं किये जाने के कारण यह बंद पड़ा हुआ है.

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By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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