बूढ़ानाथ मंदिर परिसर में चला सफाई अभियान

भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय की ओर से मंगलवार को बूढ़ानाथ मंदिर परिसर में सफाई अभियान चलाया गया. स्वच्छता पखवाड़ा के तहत यह आयोजन किया गया.

भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय की ओर से मंगलवार को बूढ़ानाथ मंदिर परिसर में सफाई अभियान चलाया गया. स्वच्छता पखवाड़ा के तहत यह आयोजन किया गया. उपक्षेत्रीय कार्यालय, भागलपुर के वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी सह कार्यालय प्रभारी राजीव कुमार झा के नेतृत्व में प्रभातफेरी भी निकली गयी. लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया. इस मौके पर वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी रंजीत कुमार, पवन कुमार, सभी कनिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारियों, सर्वेक्षण पर्यवेक्षकों व सर्वेक्षण प्रगणकों ने भाग लिया. हबीबपुर नगर पंचायत की समस्याओं को दूर करने की मांग

हबीबपुर नगर पंचायत अध्यक्ष मो शहाबुद्दीन ने जिलाधिकारी से पंचायत की समस्याओं को दूर करने की मांग की है. उन्होंने बताया कि सार्वजनिक अम्बे पोखर की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की समस्या है. इसके कारण तालाब का जीर्णोद्धार होने में दिक्कत हो रही है. जब से नगर पंचायत हबीबपुर गठित हुई है, नगर पंचायत का कार्यालय एक किराये के मकान पर चल रहा है. नगर कार्यालय भवन बनाने के लिए जमीन की आवश्यकता है. नगर पंचायत के सभी 10 वार्डों में पानी की घोर समस्या उत्पन्न होती रहती है. इसके मद्देनजर पीएचइडी के माध्यम से एक जलमीनार का निर्माण जरूरी है. हबीबपुर प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र जर्जर स्थिति में है. इसका पुनर्निर्माण करा कम से कम 10 बेड का अस्पताल बनाना जरूरी है. 24 घंटे चिकित्सा सेवा और एक एंबुलेंस की आवश्यकता है. कूड़ा का एक डंपिंग प्वाइंट हो, इसके लिए 2.5 एकड़ भूमि आवश्यकता है. इस कार्य के लिए यदि भूमि नगर निकाय क्षेत्र (हबीबपुर) के अंतर्गत भूमि नहीं हो, तो हबीबपुर से छह-सात किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र में भी सीओ के माध्यम से भूमि उपलब्ध करायी जा सकती है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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