भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट
खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र के बड़ी मलिया गांव निवासी विकास कुमार (38) के शव का पोस्टमार्टम शनिवार को भागलपुर में किया गया. भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज नौलखा कोठी स्थित पोस्टमार्टम हाउस में विकास के शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सुपुर्द किया गया.खगड़िया सदर ग्रामीण विकास में कार्यरत था विकास
मालूम हो कि विकास कुमार ग्रामीण विकास विभाग खगड़िया सदर में आवास सहायक के पद पर कार्यरत थे. परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया कि विकास कुमार गुरुवार को ड्यूटी पर जा रहे थे. इसी दौरान उसे खतरनाक ब्रेन स्ट्रोक आया. जानकारी मिलते ही परिजनों ने पहले खगड़िया फिर बेगुसराय इलाज के लिए ले गये. बेगुसराय के निजी अस्पताल से भी विकास को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया. पटना जाने के क्रम में शुक्रवार को विकास की मृत्यु हो गयी. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी.खगड़िया से शव को पोस्टमार्टम के किया गया रेफर
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. सदर अस्पताल से शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर जेएलएनएमसी रेफर किया गया. परिजनों ने बताया कि वे लोग शनिवार की सुबह की अस्पताल पहुंच गये थे. घंटों इंतजार के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया. सेतु पर परिचालन बंद रहने के कारण वे लोग मुंगेर के रास्ते से भागलपुर पहुंचे हैं. परिजनों ने बताया कि विकास काफी मृदुभाषी और मिलनसार प्रवृति का था. उसके चले जाने से पूरा परिवार बेसहारा हो गया है.
12 बजे से पहले नहीं होता है पोस्टमार्टम
भागलपुर के नौलखा कोठी स्थित पोस्टमार्टम हाउस में अब यह परंपरा बन गयी है कि पोस्टमार्टम दोपहर 12 बजे के बाद ही होगा. सामान्य स्थिति में अगर परिजन या पुलिस शव को लेकर सुबह किसी भी समय में पहुंच भी गये तो ऑफिस टाइम में भी पोस्टमार्टम नहीं होता है. लिहाजा रोजाना शोक संतप्त परिजनों को पोस्टमार्टम करवाने के लिए घंटों इंतजार करना होता है. बुद्धिजीवियों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से पोस्टमार्टम की व्यवस्था की समीक्षा कर कम से कम ऑफिस टाइम में पोस्टमार्टम की व्यवस्था प्रारंभ करने की मांग की है.
