वंदे मातरम् पर भागलपुर में सियासी संग्राम, डॉ. प्रीति शेखर ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भागलपुर में वंदे मातरम् के पूर्ण गायन को लेकर राजनीतिक विवाद गरमा गया है. भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के विरोध का आरोप लगाया है. उन्होंने कांग्रेस के पुराने इतिहास और हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए तीखा हमला बोला है.

Bhagalpur News: वंदे मातरम् के पूर्ण गायन को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब भागलपुर में भी गरमा गया है. राष्ट्रीय गीत के गायन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा की प्रदेश महामंत्री सह प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि वंदे मातरम् के पूर्ण गायन का विरोध कांग्रेस के वास्तविक चरित्र को सामने लाता है.

भागलपुर परिसदन में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी देश की ऐतिहासिक विरासत है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अधिवेशनों में भी लंबे समय तक इसका पूरा गायन होता रहा है. ऐसे में आज पूर्ण गायन को लेकर कांग्रेस की आपत्ति पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

कांग्रेस के पुराने इतिहास का दिया हवाला

डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि वर्ष 1896 से 1936 तक कांग्रेस के सभी अधिवेशनों में वंदे मातरम् का पूरा गायन किया जाता था. उनके अनुसार, वर्ष 1937 में मुस्लिम लीग के दबाव के बाद इसके केवल दो छंदों के गायन की व्यवस्था की गयी.

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर देश में लंबे समय से भावनात्मक जुड़ाव रहा है. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने लोगों में राष्ट्रभावना पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. यही वजह है कि आज भी राष्ट्रीय गीत को लेकर होने वाली बहस आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाती है.

जुलाई 2026 के कानून का भी किया जिक्र

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने दावा किया कि जुलाई 2026 में संसद द्वारा प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर अमेंडमेंट बिल पारित किया गया और सरकारी कार्यक्रमों तथा सार्वजनिक समारोहों में वंदे मातरम् के संपूर्ण छह पदों का गायन अनिवार्य किया गया.

डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस की ओर से पूर्ण गायन को स्वीकार नहीं किया जाना संविधान, वीर स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रीय गीत के प्रति असम्मान को दर्शाता है.

हालांकि, इस संबंध में खबर में कही गयी बातें भाजपा नेता के दावे के रूप में हैं. उनके दावों पर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं है.

कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल का उदाहरण

डॉ. प्रीति शेखर ने अपने आरोपों के समर्थन में कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन राज्यों में वंदे मातरम् का पूर्ण रूप से गायन किया गया.

इसके साथ ही उन्होंने केरल को लेकर कांग्रेस पर राजनीतिक हमला किया. डॉ. प्रीति ने आरोप लगाया कि केरल में कांग्रेस मुस्लिम लीग के साथ चुनाव लड़ती है और मुस्लिम लीग सरकार में शामिल है. उनके अनुसार, वहां राष्ट्रीय गीत का संपूर्ण गायन नहीं हुआ.

इसी संदर्भ में उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आज की कांग्रेस वर्तमान में मुस्लिम लीग बन गयी है.

कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम पर भी सवाल

भाजपा नेता ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम का भी उल्लेख किया. उन्होंने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् के दो छंदों के गायन के बाद राष्ट्रीय गीत के आगे के गायन पर आपत्ति जतायी और उसे बंद करने का इशारा किया.

डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की कथित प्रतिक्रिया से यह सवाल उठता है कि आखिर राष्ट्रीय गीत के पूर्ण गायन पर आपत्ति क्यों है.

इस मुद्दे ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है. भाजपा इसे राष्ट्रसम्मान और राष्ट्रीय गीत से जोड़कर कांग्रेस को घेर रही है, जबकि कांग्रेस का पक्ष सामने आने के बाद ही इस विवाद की दूसरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.

Bhagalpur News: भागलपुर में भी राजनीतिक संदेश देने की कोशिश

भागलपुर में हुई प्रेस वार्ता को स्थानीय स्तर पर भी भाजपा के राजनीतिक अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है. राष्ट्रीय गीत जैसे भावनात्मक मुद्दे के जरिये पार्टी ने कांग्रेस की विचारधारा और राष्ट्रवाद से जुड़े उसके रुख पर सवाल खड़े करने की कोशिश की है.

आम लोगों के लिए यह विवाद सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है. वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा विषय रहा है. इसलिए इसके गायन को लेकर नेताओं के बीच होने वाली बहस का असर राजनीतिक माहौल के साथ सामाजिक चर्चा पर भी पड़ता है.

अब देखना यह है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा के आरोपों का क्या जवाब देती है और पूर्ण वंदे मातरम् गायन को लेकर उसका आधिकारिक रुख क्या रहता है. फिलहाल भागलपुर में भाजपा की प्रेस वार्ता के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है.

प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार, वरिष्ठ नेता अभय घोष सोनू, राजकिशोर गुप्ता, राजेश टंडन, मंडल अध्यक्ष सोमनाथ शर्मा और निरंजन चंद्रवंशी सहित अन्य नेता मौजूद रहे.

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लेखक के बारे में

By ललित किशोर मिश्र

ललित किशोर मिश्र प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से व डिजिटल माध्यम में पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, रेलवे और परिहवन में रुचि रखते हैं.

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