Power Project: पीरपैंती में बनने वाले थर्मल पावर प्लांट के लिए रेलवे कॉरिडोर और सड़क निर्माण का काम अब तेज होने वाला है. इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. भू-अर्जन विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 160.43 एकड़ जमीन चिन्हित की है. इस परियोजना के तहत पीरपैंती अंचल के सात मौजों खिदरपुर, इमामनगर, बसंतपुर, ककरघट, हरिणकोल, महेशराम और चौधरी बसंतपुर में जमीन ली जाएगी. इन सभी इलाकों के करीब 288 किसानों की जमीन इस प्रोजेक्ट में शामिल होगी.
4 अप्रैल तक पूरा होगा काम
सबसे ज्यादा जमीन बसंतपुर मौजा से ली जा रही है. यहां करीब 65.99 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है, जिससे लगभग 100 किसान प्रभावित होंगे. सबसे कम जमीन महेशराम मौजा से ली जा रही है, जहां सिर्फ एक किसान की करीब 1.56 एकड़ जमीन शामिल है. भू-अर्जन विभाग ने इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी है और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके तहत सामाजिक प्रभाव आकलन (Social Impact Assessment) का काम भी किया जा रहा है, जिसे 4 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
किन- किन बातों का रखा जायेगा ध्यान
इस आकलन में कई अहम बातें देखी जाएंगी. जैसे जिन किसानों की जमीन ली जा रही है. उनसे बातचीत की जाएगी, इलाके का निरीक्षण होगा, लोक सुनवाई आयोजित की जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि कितने परिवार इस परियोजना से प्रभावित होंगे. साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि कौन-कौन सी जमीन और संपत्तियां प्रभावित होंगी.
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अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा. कोशिश यही है कि प्रोजेक्ट समय पर शुरू हो और लोगों को कम से कम परेशानी हो. इस रेलवे कॉरिडोर और सड़क के बनने से इलाके में उद्योग, रोजगार और कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा. साथ ही पावर प्लांट के लिए जरूरी संसाधनों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी.
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